जमुई में बंध्याकरण के बाद महिला की मौत, पति के बयान पर केस दर्ज, एनजीओ की भूमिका भी जांच के घेरे में
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अलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद 45 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप मच गया है. परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.
Aliganj Sterilization Death Case: अलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद 45 वर्षीय महिला की मौत के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. चंद्रदीप थाना क्षेत्र के कैथा गांव निवासी किरण देवी की मौत के बाद उनके पति सुलेंद्र मांझी के फर्दबयान के आधार पर चंद्रदीप थाना में कांड संख्या 165/26 दर्ज किया गया है.
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महिला की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं, अलीगंज पीएचसी प्रभारी ने मामले में संबंधित एनजीओ की जांच कराने के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिखा है. ऐसे में पुलिस जांच के साथ स्वास्थ्य विभाग की जांच भी महत्वपूर्ण हो गयी है.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को किरण देवी बंध्याकरण ऑपरेशन कराने अलीगंज पीएचसी पहुंची थीं. परिजनों के मुताबिक, गांव की आशा कार्यकर्ता सरकारी योजना के तहत राशि मिलने की बात कहकर उन्हें ऑपरेशन के लिए पीएचसी लेकर गयी थी.
बताया गया कि शाम करीब चार बजे महिला का ऑपरेशन हुआ. ऑपरेशन के बाद काफी देर तक उन्हें होश नहीं आया. इसके बाद उनकी तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी.
स्थिति गंभीर होने पर पीएचसी से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
महिला के साथ उनकी गोतनी भी मौजूद थीं. परिजनों को फोन पर किरण देवी की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गयी. जब परिवार के लोग अलीगंज पीएचसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि महिला को जमुई सदर अस्पताल रेफर किया जा चुका है.
परिजन आनन-फानन में जमुई सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने किरण देवी को मृत पाया. बताया गया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गयी थी.
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया. परिवार ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद उचित उपचार और चिकित्सकीय निगरानी नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति गंभीर हुई.
पीएचसी प्रभारी ने एनजीओ की जांच की मांग की
अलीगंज पीएचसी प्रभारी डॉ. साजिद हुसैन ने बताया कि किरण देवी का बंध्याकरण ऑपरेशन एक एनजीओ के माध्यम से कराया गया था.
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद महिला को सांस लेने में परेशानी हो रही थी. उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी.
मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर संबंधित एनजीओ की जांच कराने की मांग की है.
पति के फर्दबयान पर दर्ज हुआ केस
चंद्रदीप थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह ने बताया कि घटना के बाद मृतका के पति सुलेंद्र मांझी ने 26 अगस्त को पुलिस के समक्ष फर्दबयान दर्ज कराया था. इसी बयान के आधार पर 27 अगस्त को कांड संख्या 165/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
Aliganj Sterilization Death Case: ऑपरेशन से लेकर मौत तक के हर पहलू की होगी जांच
पुलिस के अनुसार, बंध्याकरण के दौरान अपनायी गयी चिकित्सकीय प्रक्रिया, ऑपरेशन के बाद महिला को मिले उपचार, उनकी बिगड़ती स्थिति और रेफर किए जाने की प्रक्रिया समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था और इसमें किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
फिलहाल पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित एनजीओ की भूमिका की जांच की मांग की गयी है. ऐसे में आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं.
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