नये वर्ष में बिहार के 95 हजार गरीबों का होगा अपना आशियाना, 94 हजार से अधिक गरीबों को मिलेगी राशि

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जियो टैगिंग व आधार सीडिंग का काम पूरा हो चुका है. नये साल से घर बनाने के लिए फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

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पटना. नये साल में 94 हजार 548 गरीबों का अपने घर का सपना पूरा होगा. इसके लिए पटना जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है.

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (आवास प्लस) के तहत हुए सर्वे में 94 हजार 548 गरीबों की पहचान की गयी, जिन्हें घर दिये जायेंगे. जियो टैगिंग व आधार सीडिंग का काम पूरा हो चुका है. नये साल से घर बनाने के लिए फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

शेष आठ में से चार हजार को मिलेंगे घर: वहीं वर्ष 2016 से अब तक बचे हुए आठ हजार लोगों को भी घर दिया जायेगा. हालांकि इनमें से चार हजार लोग अपने पते पर मौजूद नहीं हैं जिससे उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पायी है.

इस वजह से उनके घर नहीं बनाये जा सके हैं. फिर से उनकी खोजबीन की जायेगी. इसके अलावा करीब चार हजार लोगों के घर इसलिए नहीं बनाये जा सके क्योंकि जमीन को लेकर समस्या आ रही थी, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होगा और उन्हें भी घर बनाने के लिए पैसे दिये जायेंगे.

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बनाये जा चुके हैं 54 हजार घर

2016 से अब तक करीब 54 हजार गरीबों के घर बनाये जा चुके हैं और उन्हें सौंपा जा चुका है. इस योजना के तहत गरीबों को 40-40 हजार रुपये तीन किस्तों में दिये जाते हैं. यह एक बेडरूम, किचेन व शौचालय बनाने के लिए दिये जाते हैं.

नये वर्ष में घर बनवाने के लिए मिलेगी राशि

उप विकास आयुक्त रिची पांडेय ने कहा कि सर्वे में 94 हजार 548 लोगों की पहचान की गयी है. जियो टैगिंग, आधार सीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है और अगले साल से घर बनवाने के लिए राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

वर्ष 2016 से अब तक मात्र आठ हजार लोगों के घर बनाने की प्रक्रिया में कुछ समस्याएं होने से शुरू नहीं हो पायी थी. अब उसका समाधान कर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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