हाजीपुर में बाढ़ का खतरा हुआ कम, गंडक नदी का जलस्तर घटा, 45 नावें और SDRF टीमें तैनात, ड्रोन से हो रही निगरानी

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नाव से सुरक्षित स्थान पर जाते लोग

Hajipur Flood News : हाजीपुर जिले में गंडक और गंगा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि गंडक में गिरावट दर्ज की गई है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है.

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Hajipur Flood News : हाजीपुर जिले में गंडक और गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है. हालांकि गंगा का जलस्तर गांधी घाट पर खतरे के निशान से ऊपर है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी है. राघोपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार में 45 नावें चल रही हैं.

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गंडक नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में छोड़े जा रहे पानी में लगातार कमी आई है. 29 अगस्त की सुबह 6 बजे बराज से 95,200 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया. 26 अगस्त को यह आंकड़ा 1,50,200 क्यूसेक था, जो 27 अगस्त को घटकर 1,06,600 और 28 अगस्त को 1,02,100 क्यूसेक हो गया था.

लालगंज में खतरे के निशान के करीब गंडक

लालगंज के गंडक गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 50.47 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 50.50 मीटर है. यानी जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 0.03 मीटर नीचे है. प्रशासन इस क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी

हाजीपुर में गंडक 1.17 मीटर नीचे

हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 49.15 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 50.32 मीटर है. इस हिसाब से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.17 मीटर नीचे है. प्रशासन के मुताबिक यहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर

गांधी घाट में गंगा नदी का जलस्तर 49.07 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. यानी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.47 मीटर ऊपर है. हालांकि, प्रशासन के अनुसार गंगा के जलस्तर में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है.

गंडक की हर घंटे हो रही मॉनिटरिंग

प्रशासन ने गंडक नदी के जलस्तर की हर घंटे निगरानी करने की व्यवस्था की है. संबंधित विभागों की टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं. तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों तथा अधिकारियों की तैनाती कर 24 घंटे निगरानी की जा रही है.

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बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल शिविर

ड्रोन से तटबंधों की निगरानी

संवेदनशील क्षेत्रों और तटबंधों की स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन से वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंता लगातार तटबंधों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं.

चार अंचलों में चल रहीं 45 नावें

आंशिक रूप से प्रभावित इलाकों में लोगों का आवागमन सुचारू रखने के लिए राघोपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार अंचलों में कुल 45 निजी और सरकारी नावों का परिचालन कराया जा रहा है. जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

चार जगहों पर SDRF की टीमें तैनात

किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राघोपुर, हाजीपुर, महनार और लालगंज में एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं. प्रशासन ने टीमों को जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा है.

पशुचारा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस

जिला पदाधिकारी ने महनार, देसरी और राघोपुर समेत प्रभावित क्षेत्रों की लगातार समीक्षा की है. प्रशासन ने पशुचारा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जरूरत के अनुसार पशुचारा भेजने के लिए टीमें लगाई गई हैं. मेडिकल टीमों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है.

बाढ़ की सूचना के लिए ये हेल्पलाइन नंबर

बाढ़ या किसी भी आपात स्थिति की सूचना देने के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है. लोग 06224-260233 और 06224-260234 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं.

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