प्रतिबंधित तेजाब की खुलेआम हो रही बिक्री, प्रशासन बेखबर

Updated at : 06 Dec 2019 6:49 AM (IST)
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प्रतिबंधित तेजाब की खुलेआम हो रही बिक्री, प्रशासन बेखबर

गोपालगंज : यह खबर समाज को चिंता में डालने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. कानून को कड़ा बनाया गया है. इसके बाद तेजाब आसानी से उपलब्ध है. तेजाब पर प्रतिबंध के बाद मानवता को कंपा देनेवाली आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं. प्रशासन को शायद किसी बड़ी […]

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गोपालगंज : यह खबर समाज को चिंता में डालने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. कानून को कड़ा बनाया गया है. इसके बाद तेजाब आसानी से उपलब्ध है. तेजाब पर प्रतिबंध के बाद मानवता को कंपा देनेवाली आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं. प्रशासन को शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार है.

इसके कारण तेजाब बेचने वालों पर छूट दी गयी है. पुलिस की जानकारी में तेजाब की बिक्री हो रही है. फिर भी कार्रवाई सिफर है. शहर ही नहीं बल्कि गांव और बाजारों में तेजाब आसानी से उपलब्ध है.
तेजाब की बिक्री मोटर पार्ट्स की दुकान में बैटरी में डालने के नाम पर की जाती है, तो सोने-चांदी की दुकानों में तेजाब की आवश्यकता बताकर बेचा जाता है. घोष मोड़, पुरानी चौक, सिनेमा रोड, अरार रोड, थावे रोड आदि बाजारों में तेजाब और उसका पानी बिक रहा है. खरीदनेवालों का कोई हिसाब-किताब नहीं रखा जाता है. तेजाब को ही अपना हथियार बनाया जा रहा है. बैकुंठपुर के उसरी गांव में हुए तेजाबकांड के बाद पुलिस ने तेजाब बिक्री को लेकर भी छानबीन शुरू कर दी है.
बैकुंठपुर के उसरी में हुई घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस
केस – 1 : 21 अप्रैल को उचकागांव में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम से लौट रही आशा के शरीर पर दो युवकों ने तेजाब फेंक दिया, जिससे वो बुरी तरह से झुलस गयी थी. हथुआ थाना क्षेत्र के भोजू खां के टोला निवासी जमसेद अंसारी की 32 वर्षीय पत्नी नसीमा खातून ने शिकायत की थी.
केस – 2
फरवरी, 2016 में मीरगंज थाना क्षेत्र के सवरेजी गांव में बाइक पर लिफ्ट लेने से मना करने पर युवती को उसी गांव के सिरफिरे युवक ने चहरे तेजाब से हमला कर दिया. इसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गयी. महीनों इलाज के बाद भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई.
केस – 3
अक्तूबर, 2015 में मीरगंज के चिकटोली में युवती पर एक युवक ने तेजाब फेंक दिया, जिससे युवती महीनों जीवन मौत से जूझती रही. युवती का इलाज बाद में पटना में कराया गया. पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली.
डीएम के आदेश पर बिकना है तेजाब
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेजाब बेचने की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया गया है. डीएम की सामान्य शाखा से तेजाब बेचने के लिए लाइसेंस लेना होता है. इसे लाइसेंसधारी ही बेच सकता है. खरीदनेवालों की पूरी जानकारी लेने के बाद तेजाब दिया जायेगा. वह भी निर्धारित मात्रा में. बिक्री की पूरी जानकारी डीएम को उपलब्ध करानी होती है.
50 हजार से चार लाख तक का है मुआवजा
तेजाब पीड़ित को पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 50 हजार से चार लाख तक का मुआवजा दिलाने का प्रावधान है. इसलिए इंज्यूरी के आधार पर पीड़िता को पुलिस मेडिकल टीम की अनुशंसा के अनुरूप कोर्ट तक करता है कि कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जाये.
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