हड़ताल पर रहे ''धरती के भगवान''
Updated at : 18 Jun 2019 5:37 AM (IST)
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गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर सोमवार को ‘धरती के भगवान’ देशव्यापी हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण पूरे दिन मरीजों की जान आफत में पड़ी रही. सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, जिसके कारण मरीजों को जांच से लेकर एक्सरे तक की सुविधाएं नहीं मिलीं. एक दिवसीय हड़ताल […]
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गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर सोमवार को ‘धरती के भगवान’ देशव्यापी हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण पूरे दिन मरीजों की जान आफत में पड़ी रही. सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, जिसके कारण मरीजों को जांच से लेकर एक्सरे तक की सुविधाएं नहीं मिलीं. एक दिवसीय हड़ताल से पूरे दिन अस्पतालों में सन्नाटा पसरा रहा.
वहीं, सरकारी अस्पतालों पर भी हड़ताल का असर देखने को मिला. शहर और ग्रामीण इलाके से करीब साढ़े पांच हजार मरीज हड़ताल की वजह से इलाज कराये बिना लौटने के लिए मजबूर दिखे. आइएमए की यह हड़ताल कोलकाता में हुए डॉक्टरों पर जानलेवा हमले के विरोध में थी.
हड़ताल को सफल बनाने के बाद आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ पीसी सिन्हा की अध्यक्षता में सदर अस्पताल में डॉक्टरों की बैठक की गयी, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की गयी. बैठक में डॉ कैप्टन एसके झा, डॉ राजीव रंजन, डॉ एके चौधरी, डॉ विशाल कुमार, डॉ एसके गुप्ता आदि शामिल थे. इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आइडीए) के डॉक्टर भी सोमवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे.
सदर अस्पताल के अलावा पीएचसी, रेफरल व सीएचसी में डॉक्टरों ने काम नहीं किया. निजी अस्पतालों को भी आइडीए के डॉक्टरों ने बंद कर दिया था, जिसके कारण दांत के मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी हुई. डॉक्टरों ने सदर अस्पताल में बैठक कर हो रहे हमले को लेकर निंदा करते हुए चिंता जतायी. मौके पर डॉ एमके सिद्दिकी, डॉ तारिक अनवर, डॉ भरत कुमार ठाकुर, डॉ अखिलेश कुमार, डॉ अमितेश तिवारी, सोहेल अहमद, पल्लव केडिया आदि मौजूद थे.
देशव्यापी हड़ताल में नीमा के डॉक्टरों का भी साथ मिला. नीमा के आयुष चिकित्सकों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया. गोपालगंज नीमा के संरक्षक डॉ ओपी तिवारी ने बताया कि संगठन के सभी डॉक्टर काली पट्टी बांधकर पूरे दिन सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर हमले नहीं रुके और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई नहीं हुआ, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जायेगा.
मेडिकल कैंप नहीं लगने से लौट गये दिव्यांग
सदर अस्पताल में पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को दिव्यांगों की जांच के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया था. कैंप के लिए बजाप्ता बोर्ड का गठन हुआ था. शहर और ग्रामीण इलाके से काफी संख्या में दिव्यांग पहुंचे थे, लेकिन अचानक दिव्यांगता जांच कैंप निरस्त होने की सूचना दी गयी, जिससे दिव्यांगों ने आक्रोश जताया. सिविल सर्जन डॉ नंदकिशोर सिंह ने बताया कि अगले सोमवार 24 जून को मेडिकल कैंप निर्धारित किया गया है.
डॉक्टरों की हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में दिखा. आइएमए के वैसे डॉक्टर, जो सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, वे काम नहीं किये .
जिसके कारण ओपीडी पूरी तरह से बाधित रहा. वहीं, इमरजेंसी वार्ड मरीजों से पूरे दिन फुल रहा. दुर्घटना, विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किये गये थे.
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