दरभंगा मेडिकल कॉलेज में शवों का होता सौदा

Published at :07 Mar 2017 6:00 AM (IST)
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दरभंगा मेडिकल कॉलेज में शवों का होता सौदा

अंत्यपरीक्षण के बाद शवों को सौंपने के लिए खुलेआम मांगा जाता है पैसा परिजनों से 500 से 1500 रुपये तक की जाती है डिमांड लावारिस शवों के पोस्टमार्टम में पुलिस को भी देने पड़ते हैं पैसे दरभंगा : उत्तर बिहार का चिकित्सा हब दरभंगा में जहां मरीजों का सौदा होता है, वहीं डीएमसी में पोस्टमार्टम […]

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अंत्यपरीक्षण के बाद शवों को सौंपने के लिए खुलेआम मांगा जाता है पैसा

परिजनों से 500 से 1500 रुपये तक की जाती है डिमांड
लावारिस शवों के पोस्टमार्टम में पुलिस को भी देने पड़ते हैं पैसे
दरभंगा : उत्तर बिहार का चिकित्सा हब दरभंगा में जहां मरीजों का सौदा होता है, वहीं डीएमसी में पोस्टमार्टम के बाद शवों को सौंपने के लिए खुलेआम पैसे डिमांड किया जाता है. पोस्टमार्टम के बाद यहां कार्यरत डोम पांच सौ से लेकर पंद्रह सौ रुपये का डिमांड करते हैं. पैसा नहीं देने पर शवों के साथ छेड़छाड़ करने की धमकी दी जाती हैं. इससे डरकर परिजन रोते-बिलखते पैसे दे देते हैं. कर्मियों का मनोबल इतना ऊंचा है कि लावारिस लाशों का पोस्टमार्टम करने के लिए पुलिसवालों को भी नहीं छोड़ा जाता है. इसको लेकर पोस्टमार्टम हाउस में आये दिन तू तू मैं मैं होता रहता है. इस पर रोक लगाने में डीएमसी प्रशासन विफल साबित हो रहा है.
पॉकेट खाली रहने पर कर्ज लेकर देने पड़ते हैं पैसे : सड़क दुर्घटना या किसी अन्य हादसे में लोगों की मौत के बाद परिजन भागे-भागे पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचते हैं. कई बार ऐसा होता है कि परिजनों के पास पैसे नहीं होते हैं. लेकिन पोस्टमार्टम कक्ष में कार्यरत कर्मी पैसे का डिमांड करते हैं. मजबूरी बताने पर भी वे कुछ मानने को तैयार नहीं होते. इसके बाद परिजन कर्ज लेकर कर्मी को पैसे देते हैं. तब जाकर शवों को सौंपा जाता है.
पुलिस को देना पड़ता है नजराना : लावारिस लाश का पोस्टमार्टम कराना पुलिस के लिए काफी मुश्किल होता है. शवों का समय से पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस को भी डोम को पैसे देने पड़ते हैं. बताया जाता है कि शराबबंदी से पहले पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए शराब का इंतजाम कर देती थी. इससे यहां के कर्मी खुश रहते थे. लेकिन शराबबंदी के बाद पुलिस को भी पैसे देने पड़ते हैं. लावारिस लाश मिलने पर पुलिस को उसका पोस्टमार्टम कराने में अपने पॉकेट से पैसा खर्च करना पड़ता है. पैसा नहीं रहने पर बाद में देने का आश्वासन देकर पुलिस वाले अंत्यपरीक्षण करा लेते हैं. इस स्थिति में कर्मी बिना किसी भय के पैसा लेने थाना तक पहुंच जाते हैं.
िवपत्ति में पैसा मांगना उचित नहीं
पोस्टमार्टम में किसी से रुपये नहीं लेना है. लोग विपत्ति में यहां आते हैं. ऐसे में पैसा मांगना कहीं से उचित नहीं है. कहीं से एेसी शिकायत मिलती है, तो कड़ी कार्रवाई होगी.
डॉ. आरके सिन्हा, प्राचार्य, डीएमसी
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