बेंगलुरु में गूंजा बिहार का गौरव, 4 दिवसीय महोत्सव में जुटेंगे 1 लाख लोग, CM सम्राट ने किया उद्घाटन
सम्राट चौधरी ने श्रीश्री रविशंकर की मौजूदगी में महोत्सव का शुभारंभ किया
Bihar News: बेंगलुरु में बिहार की संस्कृति और विरासत का भव्य प्रदर्शन हो रहा है. चार दिवसीय बिहार महोत्सव में लोक कला, बिहारी व्यंजन, हस्तशिल्प और उद्यमिता आकर्षण का केंद्र हैं. महोत्सव में एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.
Bihar News: बेंगलुरु में बिहार की संस्कृति और विरासत का रंग देखने को मिल रहा है. गुरुवार को चार दिवसीय ‘बिहार महोत्सव 2026’ की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में श्रीश्री रविशंकर की मौजूदगी में महोत्सव का शुभारंभ किया. यह आयोजन 6 सितंबर तक चलेगा.
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महोत्सव में बिहार की लोक परंपरा, खान-पान, हस्तशिल्प और आधुनिक उद्यमिता को एक ही मंच पर पेश किया जा रहा है. आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे.
बिहार गौरव गान से हुई शुरुआत, झिझिया ने मोहा मन
महोत्सव की शुरुआत बिहार गौरव गान की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई. इसके बाद बिहार की प्रसिद्ध लोक नृत्य परंपरा झिझिया ने दर्शकों का ध्यान खींचा. कलाकारों ने सिर पर दीप रखकर शानदार प्रस्तुति दी.
कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे.
झिझिया से कजरी तक दिखेगी बिहार की लोक संस्कृति
महोत्सव के अगले कार्यक्रमों में बिहार की अलग-अलग लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी. झिझिया, सामा-चकेवा, कजरी और झूमर जैसे लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किए जाएंगे. लोक गायिका कल्पना पटवारी और लोक गायक सत्येंद्र कुमार बिहार की संगीत विरासत को मंच पर पेश करेंगे.
इसके साथ ही योग, आयुर्वेद और वेलनेस से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे. शास्त्रीय नृत्य की कार्यशालाएं, भजन क्लबिंग और ध्यान सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से हैप्पीनेस और सहज समाधि जैसे विशेष पाठ्यक्रम भी होंगे.
श्रीश्री रविशंकर बोले- आज के बिहार में बड़ा बदलाव दिख रहा
श्रीश्री रविशंकर ने बिहार में पिछले कई दशकों के दौरान हुए बदलाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पुराने बिहार को भी देखा है और आज के बिहार को भी देख रहे हैं. दोनों में काफी अंतर है.
उन्होंने बिहार में किए गए अपने पुराने कार्यों को भी याद किया. श्रीश्री ने बताया कि कभी एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे रणवीर सेना और सीपीआई-एमएल से जुड़े लोगों को साथ लाकर ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया गया था.
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के अंतिम दिन दोनों समूहों के सदस्य भावुक हो गए. उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया. इससे वहां का माहौल बदल गया और शांति व अपनत्व की भावना मजबूत हुई.
श्रीश्री रविशंकर ने बिहार में हो रहे विकास कार्यों की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि पूर्णिया, भागलपुर और दूसरे जिलों में विकास साफ दिखाई देता है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मेहनती बताते हुए कहा कि वह बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.
समृद्ध बिहार से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार को विकास और समृद्धि के नए दौर में ले जाने के लिए बाहर रहने वाले बिहारियों का सहयोग जरूरी है.
उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों से बिहार की विरासत जुड़ी है.
उन्होंने कहा कि बिहार समृद्ध होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी.
2028 तक बिहार में बनेगा मां सीता का भव्य मंदिर: CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में, 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का है.
बिहारी व्यंजन और मधुबनी पेंटिंग के स्टॉल बने आकर्षण
महोत्सव परिसर में बिहार के पारंपरिक व्यंजनों, मधुबनी पेंटिंग और हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का जायजा लिया.
इससे पहले उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग परिसर की गौशाला और आश्रम में स्थित गुरुकुल का भी भ्रमण किया. गणेश मंदिर में पूजा कर बिहारवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. मुख्यमंत्री ने श्रीश्री रविशंकर का पाग और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया.
‘बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाना हमारा दायित्व’
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की गौरवशाली विरासत को विश्व पटल तक पहुंचाना सभी का दायित्व है. उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही गौरवशाली भी है.
उन्होंने प्राचीन पाटलिपुत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुनिया की महान राजधानियों में शामिल रहा है. उनके मुताबिक बिहार महोत्सव अपनी संस्कृति और विरासत को याद करने का अवसर है.
संजय सरावगी बोले- बिहारी जहां रहते हैं, नाम रोशन करते हैं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मुख्यमंत्री के साथ बेंगलुरु पहुंचे. एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद बिहारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. सरावगी ने कहा कि बिहार के लोग देश के जिस भी हिस्से में रहते हैं, अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से राज्य का नाम रोशन करते हैं.
उन्होंने श्रीश्री गौशाला पहुंचकर गौ सेवा भी की. सरावगी ने कहा कि बेंगलुरु में बिहार के लोगों से मिले स्नेह और अपनत्व से वह अभिभूत हैं. उन्होंने कहा कि बिहार से दूर रहकर भी लोग अपनी मिट्टी, संस्कृति और संस्कारों से जुड़े हुए हैं.
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चार दशक से बिहार में काम कर रहा आर्ट ऑफ लिविंग
द आर्ट ऑफ लिविंग और श्रीश्री रविशंकर पिछले चार दशकों से ज्यादा समय से बिहार के कई चुनौतीपूर्ण इलाकों में काम कर रहे हैं.
संस्था के मुताबिक, हिंसा और उपेक्षा से प्रभावित इलाकों में संवाद और पुनर्निर्माण की दिशा में काम किया गया. नक्सली संघर्ष से प्रभावित गांवों में लंबे समय तक संवाद और ध्यान के कार्यक्रम चलाए गए.
इन प्रयासों के जरिए 100 से ज्यादा समुदायों को हिंसा और प्रतिशोध के चक्र से बाहर निकालने की कोशिश की गई. इन इलाकों में अब शिक्षा, कृषि और शांतिपूर्ण जीवन की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है.
प्रिजन प्रोग्राम के जरिए जेलों में बंद कैदियों को भी मानसिक शांति और सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है.
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