डुमरांव दुष्कर्म मामला: आरोपी शिक्षक की कोर्ट में पेशी के दौरान पिटाई, लोगों के आक्रोश के बीच सुरक्षाकर्मियों ने बचाया
दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक की लोगों ने कर दी पिटाई।
बक्सर व्यवहार न्यायालय में छात्राओं से दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक वीरेंद्र पाल की जमकर पिटाई हुई. पुलिस रिमांड पर पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने शिक्षक को बचाया.
Buxar News: बक्सर के डुमरांव स्थित मध्य विद्यालय नथुनी अहीर के डेरा में छात्राओं के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोपी शिक्षक वीरेंद्र पाल की मंगलवार को बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में जमकर पिटाई हो गई. पुलिस जब आरोपी शिक्षक को रिमांड और पेशी के लिए कोर्ट लेकर पहुंची थी, तभी वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा. आक्रोशित लोगों ने सुरक्षा घेरे के बीच ही आरोपी शिक्षक पर हमला बोल दिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी.
कोर्ट परिसर में सुरक्षाकर्मियों ने बचाया
अदालत परिसर में अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया. मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी शिक्षक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया. सुरक्षाकर्मियों ने घेरा बनाकर किसी तरह उसे सुरक्षित न्यायालय कक्ष में पहुंचाया और पेशी की औपचारिकता पूरी कराई. आरोपी शिक्षक वीरेंद्र कुमार को पुलिस ने रविवार की देर रात बक्सर रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वह ट्रेन पकड़कर भागने की फिराक में था.
प्रधानाध्यापक और दूसरा शिक्षक पहले ही गिरफ्तार
इस चर्चित और संवेदनशील मामले में नामजद अन्य दो आरोपियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है. मामले में आरोपी शिक्षक अरविंद सिंह और विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस घिनौने कृत्य की कड़ियों को जोड़ने और साक्ष्य जुटाने में तेजी से जुटी हुई है.
जानिए क्या है पूरा मामला
बक्सर जिले के डुमरांव अंतर्गत नथुनी अहीर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाने के सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. एक पीड़िता की मां के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाने में पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोप है कि परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर और दबाव बनाकर छात्राओं को होटल ले जाकर दुष्कर्म किया गया और उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए. वीडियो वायरल होने और प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन व पुलिस हरकत में आई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जहां प्रधानाध्यापक को मिलने वाले राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 पर रोक लगा दी, वहीं दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. शिक्षा मंत्री ने दोनों शिक्षकों की सेवा बर्खास्त करने और मामले का स्पीडी ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं. पूर्व में प्रधानाध्यापक और शिक्षक अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फरार चल रहे दूसरे शिक्षक वीरेंद्र पाल को भी रेलवे स्टेशन से दबोच लिया, जिसके बाद अब अदालत में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है.
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