बक्सर में बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्यों पर उठे सवाल, मुख्य सचिव से जांच की मांग
बांध पर लगायें गए जिओ बैग में भरा मिट्टी | Prabhat Khabar Network
बिहार के बक्सर में बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्यों में भारी अनियमितता का आरोप। मुख्य सचिव से उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
Buxar News : ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर, ढाबी, प्रबोधपुर, बिहार घाट तथा उत्तरी नैनीजोर से केशोपुर हनुमान घाट तक कराए गए बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं. सिमरी प्रखंड के खरहाटॉड़ गांव निवासी प्रकाश ओझा ने कार्यों में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए बिहार के मुख्य सचिव से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव को आवेदन देकर कार्यस्थल की तकनीकी एवं स्थलीय जांच कराने का अनुरोध किया है.
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जिओ बैग की गुणवत्ता और मिट्टी की मात्रा पर सवाल
प्रकाश ओझा ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जिओ बैग में मिट्टी भरकर लगाए गए हैं. उन्होंने जिओ बैग में निर्धारित मात्रा में मिट्टी भरे जाने, बैग की संख्या और गुणवत्ता के साथ ही कार्यस्थल पर वास्तविक रूप से कराए गए कार्य को लेकर आशंका जतायी है. उनका कहना है कि विभागीय प्राक्कलन और माप पुस्तिका के अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है.
पहले भी अधिकारियों से की गई थी शिकायत
आवेदक के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर पहले भी कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग, बक्सर-सह-भोजपुर को लिखित शिकायत दी थी. इसके अलावा 10 जून 2026 को जिला पदाधिकारी, बक्सर को भी आवेदन देकर कटाव निरोधक कार्यों की जांच और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग की गयी थी. हालांकि, उनका आरोप है कि पूर्व में शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. इसी कारण अब उन्होंने मुख्य सचिव से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
मानक में कमी हुई तो कई गांवों पर बढ़ सकता है खतरा
प्रकाश ओझा ने कहा कि बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्य सीधे ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े हैं. यदि जिओ बैग में निर्धारित मात्रा में मिट्टी नहीं भरी गयी या कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं कराया गया है, तो बाढ़ के दौरान इसका गंभीर असर हो सकता है. उन्होंने आशंका जतायी कि कार्य में कमी पाए जाने पर प्रबोधपुर, ढाबी, उत्तरी नैनीजोर, केशोपुर, राजपुर और गंगौली समेत तटबंध के आसपास के गांवों पर कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
जांच टीम गठित कर माप पुस्तिका से मिलान की मांग
आवेदक ने मुख्य सचिव से जिला स्तर पर जांच टीम गठित कर पूरे मामले की तकनीकी और स्थलीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने जिओ बैग की संख्या, गुणवत्ता और उसमें भरी मिट्टी की मात्रा का भौतिक सत्यापन कराने के साथ विभागीय प्राक्कलन और माप पुस्तिका में दर्ज कार्य का वास्तविक कार्यस्थल से मिलान कराने का अनुरोध किया है.
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कार्य एजेंसी, अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही अब तक की गयी कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.
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