चैती छठ. 36 घंटे के निर्जला व्रत को पारण कर महिलाओं ने तोड़ा

Published at :14 Apr 2016 2:42 AM (IST)
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चैती छठ. 36 घंटे के निर्जला व्रत को पारण कर महिलाओं ने तोड़ा

उदीयमान सूर्य को दिया गया अर्घ लोक आस्था का पर्व चार दिवसीय चैती छठ बुधवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के बाद पारण कर व्रतियों ने संपन्न किया. व्रती अहले सुबह स्नान-ध्यान कर छठ गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं और उदयीमान सूर्य को अर्घ दिया. बक्सर : लोक आस्था का पर्व चार दिवसीय […]

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उदीयमान सूर्य को दिया गया अर्घ

लोक आस्था का पर्व चार दिवसीय चैती छठ बुधवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के बाद पारण कर व्रतियों ने संपन्न किया. व्रती अहले सुबह स्नान-ध्यान कर छठ गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं और उदयीमान सूर्य को अर्घ दिया.
बक्सर : लोक आस्था का पर्व चार दिवसीय चैती छठ बुधवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के बाद पारण कर व्रतियों ने संपन्न किया. व्रती अहले सुबह स्नान-ध्यान कर छठ गीत गाते हुए घाट पर पहुंचीं और उदयीमान सूर्य को अर्घ दिया. वहीं बाहर से आने वाले व्रती रातभर गंगा घाट पर जागरण की और भगवान भास्कर की आराधना की.
प्रशासन के द्वारा घाटों पर गोताखोर समेत नावों की व्यवस्था की गयी थी, जिसे विशेष परिस्थिति में निबटा जाय. चैती छठ को लेकर नगर के रामरेखा घाट, गोला घाट, सती घाट, नाथ बाबा घाट समेत अन्य घाट छठ मइया के गीत से गूंजता रहा. वहीं व्रतियों से गुलजार रहा. बक्सर रामरेखा घाट पर छठ करने को लेकर जिले के अलावा आसपास के जिलों के व्रती पहुंचे थे. इसके अलावा पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के लोग भी मनोकामना पूर्ण होने के बाद छठ करने पहुंचे थे.
सुबह अर्घ्य देने के बाद व्रतियों का हुजूम लौटने लगा. जिसके कारण रामरेखा घाट रोड, वीर कुंवर सिंह चौक समेत अन्य चौकों पर जाम की स्थिति हो गयी. जिसे तैनात पुलिस बल विधि व्यवस्था ठीक करने में लगे रहे. इधर सूर्योपासना का पर्व छठ बुधवार को पारण के साथ संपन्न तो हो गया, परंतु व्रतियों समेत बाहर से आने वाले लोगों के मन में घाटों पर स्वच्छता को लेकर कई तरह के प्रश्न छोड़ गया.
पवित्रता का पर्व चैती छठ के अवसर पर भी प्रशासन व नगर परिषद के द्वारा सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गयी थी. जिसे घाट पर पहुंचने वाले व्रती,समाजसेवी एवं राजनीतिज्ञों ने जमकर कोसा. ऐसी स्थिति में व्रती भी घाट पर लगे जलकुंभी के बीच अर्घ्य देने को मजबूर थी. घाट पर रहने वाले लोगों का कहना है कि जलकुंभी के साथ कीड़े-मकोड़ों के अलावा जहरीले सांप भी तैरते हैं जिसके कारण अर्घ्य देने को लेकर दोनों दिन व्रती सहमी रहती थी.
इंटक नेता राकेश तिवारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत एवं गंगा सफाई अभियान के द्वारा कई कार्यक्रम चलते हैं परंतु छठ जैसे पर्व पर यह अभियान पूरी तरह उदासीन रहा. उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों और व्रतियों के मन में अच्छा संदेश नहीं गया है जिसे एक बार नगर परिषद और प्रशासन को विचार करना चाहिए.
छठव्रतियों ने किया प्रसाद का वितरण : सिमरी़ चार दिवसीय सूर्य अनुष्ठान बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया़ सिमरी व सहियार में छठव्रती अपने-अपने घाटों पर गीत गाते नजर आये़ घर आकर व्रतियों ने अपने पड़ोसियों के यहां प्रसाद वितरण किया़ इसमें बड़ों से ज्यादा बच्चों में उत्सुकता देखी गयी़
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