हत्या कर लाश गायब करने के आरोप में आजीवन कारावास

Updated at : 21 Sep 2017 5:19 AM (IST)
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हत्या कर लाश गायब करने के आरोप में आजीवन कारावास

बक्सर, कोर्ट : हत्या कर लाश को गायब करने के आरोपित मृतका के ससुर, पति एवं उसके देवर को एडीजे छह उदय कुमार उपाध्याय ने आजीवन कारावास की सजा बुधवार को सुनायी. मामला बक्सर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 111/2014 से संबंधित है. उक्त मामले में न्यायालय ने पूर्व में ही मृतका के आरोपित ससुर एवं […]

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बक्सर, कोर्ट : हत्या कर लाश को गायब करने के आरोपित मृतका के ससुर, पति एवं उसके देवर को एडीजे छह उदय कुमार उपाध्याय ने आजीवन कारावास की सजा बुधवार को सुनायी. मामला बक्सर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 111/2014 से संबंधित है. उक्त मामले में न्यायालय ने पूर्व में ही मृतका के आरोपित ससुर एवं उसके दोनों पुत्रों को दोषी पाया था.

बताते चलें कि इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा गांव के रहनेवाले रामेश्वर सिंह ने अपनी दो बेटियों मीना कुमारी और कुंती कुमारी की शादी बक्सर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृतपुरा गांव के रहनेवाले भरत सिंह के दोनों पुत्र रामजी सिंह एवं श्यामजी सिंह के साथ की थी. इसी बीच 15 सितंबर, 2014 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर रामेश्वर सिंह को बताया कि उसकी पुत्री कुंती देवी की हत्या कर दी गयी है,
जिसके बाद रामेश्वर सिंह अपने परिजनों के साथ भागे-भागे कृतपुरा गांव पहुंचे, जहां उनकी दूसरी पुत्री मीना देवी आंगन में बेहोश पड़ी हुई थी. होश आने के बाद उसने बताया कि घर के लोगों ने कुंती देवी की हत्या कर लाश को गायब कर दिया है. उक्त मामले की प्राथमिकी मुफस्सिल थाने में दर्ज करायी गयी.
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह पाया कि लाश को जलाकर या नदी में प्रवाहित कर गायब किया गया था. इसके बाद आइपीसी की धारा 302 के तहत ससुर भरत सिंह एवं उनके दोनों पुत्रों रामजी सिंह एवं श्याम जी सिंह को दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास, आपराधिक साजिश रचने की धारा 120(बी) के तहत आजीवन कारावास एवं साक्ष्य छिपाने की धारा 201 के तहत सात वर्षों की सजा सुनायी गयी. साथ ही अभियुक्तों पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया.
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. उक्त मामले में सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने बहस में हिस्सा लिया. न्यायालय में सजा सुनने के बाद मृतका के आरोपित ससुर, उसका पति व देवर के साथ-साथ कोर्ट में बैठे आरोपितों के अन्य परिजन मायूस हो गये. वहीं, हत्यारोपितों की आंखें आंसू से भर आयी थीं. इस दौरान कोर्ट परिसर में न्यायालय के फैसले पर काफी चर्चा हो रही थी.
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