नालंदा के 3 शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान, अंधविश्वास के खिलाफ चला रहे वैज्ञानिक सोच का अभियान
सम्मानित होते प्रधान शिक्षक रोहित कुमार | Prabhat Khabar Network
वैज्ञानिक सोच और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले नालंदा के तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है. प्रयोगों के माध्यम से अंधविश्वास के सच को उजागर किया गया.
Nalanda Teachers National Award : समाज में वैज्ञानिक सोच, तर्कशीलता और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कार्य कर रहे नालंदा के तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है. छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित माता बमलेश्वरी अतिथि गृह में प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया गया.
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सम्मानित होने वालों में प्राथमिक विद्यालय बेलदरिया के प्रधान शिक्षक रोहित कुमार, उर्दू प्राथमिक विद्यालय कोहनासराय के विशिष्ट शिक्षक मो. नजमुद्दीन तथा शीतला +2 उच्च विद्यालय मघड़ा के शिक्षक डॉ. मो. एजाज अहमद शामिल हैं.
प्रमाण और तर्क की कसौटी पर परखना जरूरी: रोहित कुमार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक रोहित कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरुआत घर और विद्यालय से होती है. बच्चों को डराने या तत्काल संतुष्ट करने के लिए कई बार ऐसी बातें बता दी जाती हैं, जिनका विज्ञान से कोई संबंध नहीं होता. यही बातें आगे चलकर बच्चों के मन में अंधविश्वास का आधार बन जाती हैं.
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उन्होंने कहा कि ज्ञानेंद्रियां भी हमेशा सही जानकारी नहीं देतीं और कई बार भ्रमित कर सकती हैं. इसलिए किसी भी बात पर विश्वास करने से पहले उसे प्रमाण और तर्क की कसौटी पर परखना जरूरी है.
अंधविश्वास सवाल करने की प्रवृत्ति को रोकता है: मो. नजमुद्दीन
मो. नजमुद्दीन ने कहा कि विज्ञान सवाल पूछने, तर्क करने और घटनाओं के पीछे के कारण को समझने की प्रेरणा देता है. वहीं अंधविश्वास सवाल करने की प्रवृत्ति को रोकता है. वैज्ञानिक चेतना बढ़ने से जादू-टोना, डायन प्रथा और झाड़-फूंक जैसी कुप्रथाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है.
पाखंडी लोग भ्रम फैलाकर करते हैं शोषण: डॉ. मो. एजाज अहमद
डॉ. मो. एजाज अहमद ने कहा कि प्रत्येक घटना के पीछे वैज्ञानिक कारण होता है. जानकारी के अभाव में पाखंडी लोग भ्रम फैलाकर लोगों का शोषण करते हैं.
प्रयोगों के माध्यम से समझाया गया अंधविश्वास का सच
कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक तथ्यों को रोचक तरीके से समझाया गया.
जलते कपूर, सूखे नारियल, छिपे लेख, तांत्रिक सामग्री और ज्ञानेंद्रियों के भ्रम से जुड़े प्रयोगों के जरिए अंधविश्वास के पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में तर्कशीलता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था.
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