बिहार में स्टेट हाईवे पर अभी नहीं लगेगा टोल टैक्स, जानिए क्या है नया अपडेट

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar State Highway Toll Tax: बिहार में स्टेट हाईवे (SH) से गुजरने वाली गाड़ियों से टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया इस साल नवंबर से पहले शुरू होना मुश्किल है. पथ निर्माण विभाग फिलहाल सड़कों पर कैमरे लगाकर गाड़ियों की गिनती कर रहा है. इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही टोल की रकम और एजेंट तय होंगे.

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Bihar State Highway Toll Tax: बिहार में इस साल नवंबर से पहले टोल टैक्स की वसूली शुरू होना मुमकिन नहीं लग रहा है. विभाग फिलहाल इस बात का पता लगा रहा है कि एक महीने के भीतर किस राज्य उच्च पथ पर कितनी गाड़ियों की आवाजाही होती है. इसी आंकड़े के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

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दो महीने तक चलेगा सर्वे, कैमरों से हो रही गाड़ियों की गिनती

सड़कों पर गाड़ियों के दबाव को समझने के लिए अगले दो महीने तक स्टडी किया जाएगा. इसके लिए बिहार के स्टेट हाईवे के दोनों छोरों पर खास कैमरे लगाए गए हैं, जो वहां से गुजरने वाले वाहनों की सटीक संख्या गिन रहे हैं. इस सर्वे से जो रिपोर्ट सामने आएगी, उसी के आधार पर संबंधित सड़क के लिए टेंडर निकालकर टोल वसूलने वाले एजेंटों की नियुक्ति की जाएगी.

गाड़ियों की संख्या से तय होगी सालाना कमाई की क्षमता

पथ निर्माण विभाग की नई टोल पॉलिसी में सबसे जरूरी हिस्सा एनुअल पोटेंशियल कलेक्शन को माना गया है. इसके जरिए यह देखा जाएगा कि किसी भी स्टेट हाईवे पर महीने भर में औसतन कितनी गाड़ियां गुजरती हैं. जब सरकार को टोल से होने वाली संभावित कमाई का अंदाजा मिल जाएगा, तो उसमें टोल एजेंट का खर्च और सड़क के मेंटेनेंस की रकम को जोड़ा जाएगा. इन सबको मिलाकर एक फाइनल बेस प्राइस तय होगा और फिर टेंडर निकाला जाएगा.

हर साल गाड़ियों की संख्या में 5% बढ़ोतरी का अनुमान

सरकार की नई टोल नीति में यह नियम भी बनाया गया है कि किसी राज्य उच्च पथ पर वर्तमान में जितनी गाड़ियां चल रही हैं, उनमें हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. टोल एजेंट तय करते समय इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा. इसके अलावा टोल टैक्स से मुक्त रहने वाले वाहनों की संख्या को भी इस पूरे गणित में जोड़ा जाएगा ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे.

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नोटिफिकेशन का इंतजार

टोल टैक्स पूरी तरह लागू होने की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही यह जानकारी आम जनता के लिए सार्वजनिक की जाएगी कि किस सड़क पर कितना टैक्स लगेगा. अभी इस बात पर चर्चा चल रही है कि अधिकतम 20 किलोमीटर की दूरी को ही टोल के दायरे में शामिल किया जाए.

बिहार कैबिनेट की बैठक में यह पहले ही साफ हो चुका है कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल की कितनी राशि ली जाएगी, लेकिन किस रूट पर कुल कितना पैसा कटेगा, यह पूरी तरह रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा.

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