सारण के 35 प्राइवेट स्कूलों को भुगतना पड़ा मनमानी का खामियाजा, लटक गये ताले

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सारण जिले के 35 प्राइवेट स्कूलों में ताला जड़ने की कार्रवाई शुरू हो गयी है. इस संबंध में रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेज दी गयी है. पहले चरण में 7 स्कूलों में ताला जड़ने का आदेश हुआ, वहीं, दूसरे चरण में 28 स्कूलों पर कार्रवाई शुरू हो गयी है.

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छपरा: सारण जिले के 35 प्राइवेट स्कूलों में ताला जड़ने की कार्रवाई शुरू हो गयी है. इस संबंध में रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेज दी गयी है. पहले चरण में 7 स्कूलों में ताला जड़ने का आदेश हुआ, वहीं, दूसरे चरण में 28 स्कूलों पर कार्रवाई शुरू हो गयी है.

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सरकार के आदेश की नाफरमानी

यह कार्रवाई राज्य सरकार के बार-बार आदेश के बावजूद यू डाइस से संबंधित स्कूल प्रोफाइल, स्टूडेंट प्रोफाइल और टीचर्स प्रोफाइल से संबंधित ऑनलाइन जानकारी नहीं देने को लेकर है. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए और स्कूली बच्चों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ देने तथा उनके लिए केंद्र और राज्य सरकार से आवंटन प्राप्त करने के उद्देश्य से व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है. जिन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है उन स्कूलों में नामांकित बच्चों का नामांकन पास के सरकारी स्कूलों में कराने का आदेश जारी किया गया है.

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बच्चों को पास के स्कूलों में नामांकित कराया जाएगा

इन सभी स्कूलों पर आरोप है कि इनके द्वारा पूर्व में यू डाइस कोड लिया गया था. इस बार इनके द्वारा यू डाइस प्रपत्र और स्टूडेंट, टीचर्स, स्कूल प्रोफाइल समेत अन्य जानकारियां उपलब्ध नहीं करायी गयी है. सभी संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को ऐसे स्कूलों का स्थलीय जांच कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि यदि यह संचालित नहीं है तो इसकी रिपोर्ट दी जाए और यदि संचालित है तो इनके बच्चों को पास के स्कूलों में नामांकित करा दिया जाये.

अब बिना रजिस्ट्रेशन वाले का होगा नए सिरे से सर्वेक्षण

वर्ष 2013 में सारण के सभी प्राइवेट स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया था उस समय 16 सौ से अधिक प्राइवेट स्कूलों के नाम सामने आए थे इन स्कूलों का रजिस्ट्रेशन प्रारंभ किया गया. लेकिन खेद की बात है कि अभी तक महज 300 स्कूल है अपना रजिस्ट्रेशन करा पाये हैं. शेष लगभग 1201 स्कूल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं। विभाग अब नये सिरे से ऐसे स्कूलों का सर्वे कराकर इनमें नामांकित बच्चों की संख्या और उनके संसाधन का पता लगायेगी. संभव है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले सभी स्कूलों पर कार्रवाई शुरू हो जाए और उन्हें भी बंद करने के लिए पहल शुरू कर दी जाये. हालांकि अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं. समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ धनंजय पासवान ने बताया कि विभाग का जो भी दिशा निर्देश है उसी अनुसार काम हो रहा है जो भी लापरवाही बरतेगे कार्रवाई तो होगी. इसलिए करवाई से बचने के लिए आदेशों का पालन करें.

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