भागलपुर: कहलगांव में बच्चों को बैंकिंग सिखा रहा यूको बैंक का 'किड्स एटीएम', 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे खुद निकाल सकेंगे कैश

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बच्चों को बैंकिंग से जोड़ रही यूको बैंक की किड्स एटीएम सुविधा | Prabhat Khabar Network

UCO बैंक ने कहलगांव में बच्चों में वित्तीय अनुशासन और बचत की आदत डालने के लिए विशेष 'किड्स डेबिट कार्ड' और एटीएम सुविधा शुरू की है. 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे इस कार्ड से दैनिक ₹10,000 तक की निकासी कर सकेंगे और डिजिटल बैंकिंग की बुनियादी बातें सीखेंगे.

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भागलपुर जिले के कहलगांव में बच्चों में बचपन से ही बचत की आदत डालने और उन्हें आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यूको बैंक (UCO Bank) ने नाबालिग खाताधारकों के लिए विशेष 'किड्स डेबिट कार्ड' एवं एटीएम सुविधा की शुरुआत की है. इस योजना के तहत 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे अपने बैंक खाते का संचालन स्वयं कर सकेंगे. बैंक द्वारा बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया कस्टमाइज्ड डेबिट कार्ड जारी किया जा रहा है, जिससे वे न केवल जरूरत पड़ने पर पैसे निकाल सकेंगे, बल्कि पैसे के प्रबंधन और डिजिटल बैंकिंग के बुनियादी गुर भी सीख सकेंगे.

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₹10,000 की दैनिक निकासी सीमा, ऐसे काम करेगा किड्स कार्ड

यूको बैंक द्वारा शुरू की गई इस पहल की मुख्य विशेषताएं:

  • दैनिक निकासी सीमा (Daily Limit): बच्चों की सुरक्षा और सीमित खर्च को ध्यान में रखते हुए इस किड्स डेबिट कार्ड से दैनिक नकद निकासी की अधिकतम सीमा ₹10,000 निर्धारित की गई है.
  • आसान संचालन प्रक्रिया: बच्चे एटीएम में कार्ड डालकर पसंदीदा भाषा का चयन करेंगे, अपना गोपनीय पिन दर्ज करेंगे और 'कैश विड्रॉल' विकल्प चुनकर आसानी से नकदी निकाल सकेंगे.
  • सीखने का अवसर: इस कार्ड के जरिए बच्चे एटीएम के सुरक्षित इस्तेमाल, रसीद चेक करने और बैलेंस इन्क्वायरी जैसी जरूरी बैंकिंग प्रक्रियाओं को व्यावहारिक रूप से सीख रहे हैं.

वित्तीय अनुशासन सिखाना मुख्य उद्देश्य: सीएसपी संचालक

कहलगांव स्थित यूको बैंक के सीएसपी संचालक गोपाल कुमार सिन्हा ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

"किड्स एटीएम कार्ड का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) विकसित करना है. इससे बच्चे फिजूलखर्ची से बचकर बचत करना और पैसों का सही प्रबंधन सीखेंगे. हालांकि, अभिभावकों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को अपने एटीएम कार्ड और 4 अंकों के गुप्त पिन की गोपनीयता बनाए रखने के प्रति लगातार जागरूक करें."

बच्चों में उत्साह, आत्मनिर्भरता का मिल रहा अहसास

बैंक की इस नई सुविधा को लेकर स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है:

  • छात्र की प्रतिक्रिया: 12 वर्षीय छात्र आरुष मिश्रा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा— "बैंक की यह बहुत अच्छी और उपयोगी पहल है. अब हम अपनी पॉकेट मनी और बचत के पैसों को सीधे अपने खाते में जमा कर सकेंगे. जरूरत पड़ने पर खुद पैसे निकाल सकेंगे और हमें हर छोटी जरूरत के लिए माता-पिता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा."


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