Watch Video: TMBU में शिक्षकेतर कर्मचारियों की चार दिवसीय हड़ताल स्थगित, सोमवार से काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम
टीएमबीयू में कर्मचारियों की चार दिवसीय हड़ताल स्थगित हो गई है. वेतन कटौती और प्रोन्नति की मांगों पर कर्मचारी सोमवार से काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे.
भागलपुर. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में वेतन कटौती और लंबित प्रोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी महासंघ की चार दिवसीय हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई. हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इसे स्थगित किया गया है. कर्मचारियों का आरोप है कि हड़ताल के चार दिनों के दौरान विश्वविद्यालय का कोई भी अधिकारी उनकी मांगों पर वार्ता करने नहीं पहुंचा. इससे कर्मचारियों में विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है.
हड़ताल के अंतिम दिन कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी. कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अब प्रभारी कुलपति और विश्वविद्यालय के अधिकारी जहां भी मिलेंगे, वहीं उनका घेराव किया जाएगा.
छात्रहित में स्थगित की गई हड़ताल, काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम
कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने कहा कि चार दिनों की हड़ताल को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि छात्रहित को देखते हुए स्थगित किया गया है. उन्होंने बताया कि सोमवार से विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रहित से जुड़े सभी काम किए जाएंगे. हालांकि, कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों और संबंधित फाइलों से जुड़े काम नहीं करेंगे. इसके अलावा दोपहर तीन बजे के बाद प्रतिदिन प्रभारी कुलपति, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संबंधित इकाइयों और कॉलेजों के प्राचार्य कक्ष के बाहर मांगों को लेकर नारेबाजी और धरना दिया जाएगा.
वर्षों से प्रोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारी
कर्मचारी नेता सुशील मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शिक्षकेतर कर्मचारियों को वर्षों से प्रोन्नति का इंतजार है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी कुलपति शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए होटल, सरकारी सर्किट हाउस और कुलपति के आवासीय कार्यालय में बैठकें कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की प्रोन्नति के मामले में लगातार टालमटोल की जा रही है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. कर्मचारियों की लंबित प्रोन्नति और अन्य मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
वेतन कटौती और पांच सूत्री मांगों पर बढ़ा आक्रोश
कर्मचारियों ने कहा कि वेतन से कटौती की गई राशि अब तक वापस नहीं की गई है. साथ ही, पूर्व की तरह वेतन भुगतान भी नहीं किया जा रहा है. कर्मचारियों की मांग है कि कटौती की गई राशि लौटाई जाए, वेतन भुगतान की पुरानी व्यवस्था बहाल हो और पांच सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगों की अनदेखी किए जाने के कारण उनका धैर्य जवाब देने लगा है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आक्रोश लगातार बढ़ रहा है.
अप्रिय घटना होने पर प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र हो सकता है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के बीच बढ़ते आक्रोश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. कर्मचारी महासंघ ने इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानने से इनकार किया है. फिलहाल, सोमवार से विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रहित से जुड़े काम शुरू होंगे, लेकिन कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध जारी रखेंगे. दोपहर तीन बजे के बाद धरना और नारेबाजी के जरिए मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा.
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