भागलपुर: दिन में तीखी धूप और उमस, रात होते ही गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश; मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक जारी किया अलर्ट

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भागलपुर और आसपास के इलाकों में मौसम का दोहरा मिजाज जारी है, जहाँ दिन में तीखी धूप और उमस है, वहीं रात में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने 2 सितंबर तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है और किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है.

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भागलपुर और आसपास के इलाकों में मौसम का दोहरा मिजाज लगातार देखने को मिल रहा है. दिन के समय तीखी धूप और भारी उमस से जहां आम जनजीवन बेहाल हो रहा है, वहीं शाम ढलते ही आसमान में काले बादलों का डेरा और देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की जा रही है. शनिवार देर रात जोरदार बारिश के बाद रविवार सुबह फिर से खिली तेज धूप ने उमस बढ़ा दी है. इस बीच बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के मौसम विभाग ने आगामी 2 सितंबर तक जिले में लगातार बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है, साथ ही खरीफ फसलों को लेकर किसानों के लिए जरूरी कृषि सलाह भी जारी की है.

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दिन में उमस भरी गर्मी, रात में मेघगर्जन के साथ राहत

मौसम के बदलते पैटर्न ने पिछले 24 घंटों में तापमान और आर्द्रता में उतार-चढ़ाव ला दिया है:

  • शनिवार रात तेज बारिश: शनिवार की शाम से ही आसमान में घने काले बादलों का जमावड़ा शुरू हो गया था, जो देर रात तक गरज और चमक के साथ तेज बारिश में बदल गया.
  • सुबह तीखी धूप का असर: रात की ठंडक के बाद रविवार की सुबह से ही चटख धूप निकल आई, जिससे वातावरण में नमी के कारण उमस भरी गर्मी का एहसास बढ़ गया.

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: 2 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:

  • बारिश का अलर्ट: मौसमी परिस्थितियों और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते भागलपुर और अंग क्षेत्र में 2 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है.
  • तापमान में उतार-चढ़ाव: बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश के कारण आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है.

किसानों के लिए BAU सबौर की महत्वपूर्ण एडवाइजरी

कृषि वैज्ञानिकों ने धान उत्पादक किसानों को वर्तमान मौसमी दशाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • धान से खरपतवार की निकासी: कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बारिश के इस मौसम में धान के खेतों में उगे सभी प्रकार के अवांछित खरपतवारों (Weeds) को अविलंब निकाल दें (सोहनी-निकाई कर लें).
  • फसल की तेज बढ़वार: खरपतवार हट जाने से मिट्टी के पोषक तत्व और बारिश का पानी सीधे धान के पौधों को मिलेगा, जिससे फसल की बढ़वार तेजी से होगी और पैदावार बेहतर मिलेगी.


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