भागलपुर: बाढ़ से 'टापू' बना थोक बाजार, दुर्गा पूजा से दिवाली तक 50 करोड़ से अधिक के कारोबार पर संकट; संपर्क पथ टूटने से ट्रांसपोर्ट 20% ठप
अकबरनगर-सुल्तानगंज मार्ग पर आवागमन बाधित. | Prabhat Khabar Network
भागलपुर में बाढ़ ने थोक बाजार को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिससे त्योहारी सीजन में 50 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर संकट मंडरा रहा है. संपर्क मार्ग टूटने से माल की आवाजाही ठप है, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है.
गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान ने भागलपुर शहर के व्यावसायिक ताने-बाने को पूरी तरह झकझोर दिया है. दुर्गा पूजा और दीपावली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले जिले में आई भीषण बाढ़ के कारण भागलपुर का मुख्य थोक बाजार चारों तरफ से घिरकर 'टापू' में तब्दील हो चुका है. बाजार को जोड़ने वाले लगभग सभी प्रमुख संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग जर्जर व जलमग्न हो चुके हैं. नवगछिया, सुल्तानगंज, पीरपैंती और सन्हौला जैसे ग्रामीण व उपनगरीय इलाकों से संपर्क कटने के कारण माल की आवक और उठाव बुरी तरह थम गया है. इसका सीधा असर त्योहारी सीजन के करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक के थोक व खुदरा कारोबार पर पड़ना तय माना जा रहा है, जिससे व्यापारियों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं.
आपके शहर में
ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम, 20% तक कारोबार प्रभावित
बाढ़ और बदहाल सड़कों की पहली मार माल ढुलाई व्यवस्था पर पड़ी है. भागलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन चौधरी ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान भारी बिक्री की उम्मीद में व्यापारी सालभर तैयारी करते हैं. लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि नवगछिया और सुल्तानगंज रूट पूरी तरह ठप हैं. पीरपैंती और सन्हौला की ओर गाड़ियां नहीं भेजी जा पा रही हैं. बाहर के खुदरा व्यापारी और ग्राहक बाजार तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं, जिससे अब तक 20 फीसदी से अधिक ट्रांसपोर्ट कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हो चुका है. माल की किल्लत होने पर आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को भारी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है.

NH-80 और NH-31 बदहाल, हंसडीहा-अमरपुर मार्ग पर महाजाम
जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले एनएच-80 और एनएच-31 पर बाढ़ के पानी और गड्ढों के कारण भारी वाहनों का परिचालन जोखिम भरा हो गया है. वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल होने वाले हंसडीहा और अमरपुर रोड पर दिन-रात भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है. सड़कों की इस बदहाली के कारण ट्रकों की आवाजाही में सामान्य से तीन गुना अधिक समय लग रहा है.
दुर्गा पूजा पर किस सेक्टर में कितना होता है कारोबार?
भागलपुर पूर्वी बिहार और संताल परगना का सबसे बड़ा कमर्शियल हब है. दुर्गा पूजा के दौरान यहां विभिन्न क्षेत्रों में भारी वित्तीय टर्नओवर होता है:
| व्यापारिक क्षेत्र (Sector) | अनुमानित फेस्टिव टर्नओवर | संभावित प्रभाव |
| रेडिमेड व गारमेंट्स (कपड़ा) | ₹20 करोड़ से अधिक | ग्रामीण ग्राहकों की गैरमौजूदगी से भारी मंदी |
| किराना व खाद्य सामग्री | ₹10 करोड़ | ट्रांसपोर्ट ठप होने से स्टॉक की किल्लत |
| जूता-चप्पल बाजार | ₹10 करोड़ से अधिक | 100 से अधिक थोक दुकानों में सन्नाटा |
| खिलौना एवं शृंगार प्रसाधन | ₹3 करोड़ | स्थानीय मेलों पर बाढ़ का साया |
कारोबारियों का आकलन है कि अगर अगले एक सप्ताह में मार्ग सुचारू नहीं हुए, तो कुल व्यापार में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
झारखंड तक फैला है 200 किलोमीटर का दायरा, ट्रेन ही आखिरी आस
टेक्सटाइल चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष व थोक कपड़ा कारोबारी श्रवण बाजोरिया ने बताया कि भागलपुर कपड़ा मंडी का दायरा 200 किलोमीटर में फैला है. पड़ोसी राज्य झारखंड के दुमका, देवघर, गोड्डा, हंसडीहा के अलावा बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया के व्यापारी यहीं से माल ले जाते हैं. संपर्क पथ ध्वस्त होने से यह पूरा नेटवर्क टूट गया है. वहीं, फुटवियर कारोबारी मो. अयाज ने कहा कि जिले में 100 से अधिक थोक फुटवियर डीलर हैं, जिनकी बस व लोकल ट्रांसपोर्ट सेवा रुकने से कमर टूट गई है. वर्तमान संकट में छोटे दुकानदार ट्रेनों के जरिए सीमित मात्रा में माल ढोने को मजबूर हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर थोक आपूर्ति के लिए यह नाकाफी है. व्यापारियों ने जिला प्रशासन से एनएच-80 और संपर्क मार्गों की तत्काल आपातकालीन मरम्मत कराने की मांग की है ताकि शेष बचे त्योहारी सीजन को डूबने से बचाया जा सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए