अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, 75% अटेंडेंस जरूरी बिना पढ़े पास नहीं होने देंगे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Aug 2018 7:27 AM

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भागलपुर : भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार को प्राचार्य आवास पर छात्रों के हंगामे के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हरकत में आया. शुक्रवार शाम को विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर और निदेशक अतुल सिन्हा कॉलेज परिसर में पहुंच कर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया. अधिकारियों ने बारी-बारी से कॉलेज के शिक्षक और […]

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भागलपुर : भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार को प्राचार्य आवास पर छात्रों के हंगामे के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हरकत में आया. शुक्रवार शाम को विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर और निदेशक अतुल सिन्हा कॉलेज परिसर में पहुंच कर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया.
अधिकारियों ने बारी-बारी से कॉलेज के शिक्षक और छात्रों से मामले को लेकर लंबी पूछताछ की. शिक्षकों ने जहां छात्रों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया. वहीं छात्रों ने प्राचार्य समेत अन्य शिक्षकों पर तानाशाही करने की बात कही. बंद कमरे में शिक्षकों के साथ दो घंटे तक चली बैठक के बाद बारी जब छात्रों की आयी, तो सभी छात्रों को परिसर में खड़ा कर प्रधान सचिव ने बारी-बारी से विवाद का कारण पूछा.
कतार में खड़े कई छात्रों ने मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया. हालांकि प्रधान सचिव ने कहा कि, दोषियों पर हर हाल में कार्रवाई की जायेगी. वहीं निदेशक अतुल सिन्हा ने बताया कि सरकार किसी भी हालत में अनुशासन हीनता बर्दाश्त नहीं करेगी. एमआइटी मुजफ्फरपुर की तरह बीसीइ के दोषी छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है. 11 छात्रों पर केस दर्ज कर दिया गया है. इनके साथ डीएम अतुल सिन्हा और एसएसपी आशीष भारती भी मौजूद थे.
75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं तो परीक्षा में शामिल नहीं
निदेशक ने बताया कि सरकार ने टेक्निकल एजुकेशन में बदलाव लाने के लिए कमर कस ली है. इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक हजार शिक्षकों की बहाली की गयी है. अब नियमित और योग्य शिक्षकों का रोना कोई कॉलेज प्रबंधन नहीं रो सकता. उन्होंने कहा कि छात्रों को हर हाल में 75 प्रतिशत अटेंडेंस पूरा करना होगा. नहीं तो परीक्षा नहीं देने दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि छात्र और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साइकोलॉजिकल वार चल रहा है. छात्र शैक्षणिक संस्थानों पर अपना नियम थोपना चाहते हैं. ऐसा नहीं चलने वाला है.
किस मिट्टी के बने हैं बच्चे, चेंज स्वीकार नहीं कर रहे
प्रधान सचिव हरजोत कौर ने बताया कि किस मिट्टी के बने हैं बच्चे, चेंज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. बिना टेस्ट दिये अच्छे नंबर के लिए कॉलेज पर दबाव बनाते हैं. उन्होंने बताया कि छात्रों ने बातचीत में कई बातें ऐसी कहीं जो उनके कार्यक्षेत्र से बाहर है. बीसीइ के छात्रों ने बीते सप्ताह प्राचार्य पर परीक्षा तिथि आगे बढ़ने का दबाव बनाया है. अब हर सोमवार को टेस्ट लिया जायेगा. इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है.
14 सितंबर तक बंद रहेंगे कॉलेज और हॉस्टल:
इधर, बीसीइ के प्राचार्य डॉ निर्मल कुमार ने बताया कि, घटना के बाद 14 सितंबर तक कॉलेज को बंद कर दिया गया है. वहीं सभी छात्रों को इस तिथि तक हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया है.
कॉलेज में बेहतर वातावरण व पढ़ाई का माहौल हो, इसके लिए एसएसपी के साथ वहां गये थे. जब तक कॉलेज के अंदर विधि व्यवस्था में सुधार नहीं हो जाता है, तब तक पुलिस कैंप करेगी. छात्रों से उनकी समस्याओं व अन्य विषयों पर बातचीत हुई. भरोसा दिया कि अगर निर्दोष छात्र के खिलाफ केस हो गया है, तो जांच के बाद संबंधित नाम को हटा दिया जायेगा. सभी को अनुशासन में रह कर पढ़ाई करने के लिए कहा गया है.
प्रणव कुमार, डीएम, भागलपुर
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