लक्षनौता पंचायत में लगा कानूनी जागरूकता शिविर, अधिकारों की दी जानकारी
कानूनी जागरूकता शिविर में भाग लेते सदस्य | Prabhat Khabar Network
लक्षनौता पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता की जानकारी दी गई. 12 सितंबर की नेशनल लोक अदालत में सुलहनीय मामलों के निपटारे का लाभ उठाने की अपील की गई.
बेतिया कानूनी शिविर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर रविवार को गौनाहा प्रखंड की लक्षनौता पंचायत में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम चंपारण की ओर से आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को कानून से जुड़े उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी गई.
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ग्रामीणों को बतायी गयीं कानूनी योजनाएं
शिविर में पैनल अधिवक्ता राजेश राम और पीएलबी मोसी मियां ने ग्रामीणों से संवाद किया. उन्होंने नालसा और बालसा की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. ग्रामीणों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं और अपने अधिकारों के लिए उपलब्ध विधिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना था, ताकि वे किसी विवाद या कानूनी समस्या की स्थिति में सही प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी रख सकें.
12 सितंबर को लगेगी नेशनल लोक अदालत
शिविर के दौरान आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई. अधिवक्ता और पीएलबी ने बताया कि सुलहनीय वादों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है. इससे संबंधित पक्ष आपसी सहमति और सुलह के आधार पर अपने मामलों का समाधान करा सकते हैं.
ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि उनका कोई ऐसा मामला है, जिसका लोक अदालत के माध्यम से निपटारा संभव है, तो वे इस अवसर का लाभ उठाएं.
हर महीने पंचायतों में पहुंच रहा विधिक सेवा प्राधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि प्राधिकार के तत्वावधान में प्रत्येक महीने जिले की किसी न किसी पंचायत में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया जाता है. प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को कानून, उनके अधिकार और सरकारी स्तर पर उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी जाती है.
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को कानून के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराना है. पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को अपने घर के आसपास ही जरूरी कानूनी जानकारी मिल रही है.
ग्रामीणों को जागरूक करना प्राथमिकता
विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों से ग्रामीणों को कानूनी प्रक्रियाओं और उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, समय पर सही कानूनी जानकारी मिलने से लोग अपने मामलों के समाधान के लिए उचित माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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