हाथियों को वापस हाथी शाला में किया गया शिफ्ट
वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में वन संपदा और वन्य जीव की सुरक्षा में तैनात चार गजराज राजा, बालाजी, द्रोणा और मणिकंठा को 19 जून को पड़ोसी देश नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से स्वच्छंद विचरण करते हुए नेपाली हाथी टाइगर रिजर्व में प्रवेश करने पर उनके आक्रामक स्वभाव को देखते हुए टाइगर रिजर्व के हाथियों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से कौशल विकास केंद्र में पूर्व की भांति शिफ्ट कर दिया गया था.
वाल्मीकिनगर. वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में वन संपदा और वन्य जीव की सुरक्षा में तैनात चार गजराज राजा, बालाजी, द्रोणा और मणिकंठा को 19 जून को पड़ोसी देश नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से स्वच्छंद विचरण करते हुए नेपाली हाथी टाइगर रिजर्व में प्रवेश करने पर उनके आक्रामक स्वभाव को देखते हुए टाइगर रिजर्व के हाथियों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से कौशल विकास केंद्र में पूर्व की भांति शिफ्ट कर दिया गया था.नेपाली हाथी के चितवन राष्ट्रीय निकुंज वापस लौट जाने के पुष्टि होने के बाद आज बुधवार को चारों हाथियों को वापस हाथी शाला पहुंचा दिया गया है. इस बाबत पूछे जाने पर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र पदाधिकारी राजकुमार पासवान ने बताया कि हाथियों को नेपाली हाथी के नेपाल लौट जाने के बाद वापस हाथी शाला शिफ्ट कर दिया गया है.ज्ञात हो कि एक निश्चित अंतराल पर नेपाली हाथी टाइगर रिजर्व में नेपाल की खुली सीमा का लाभ लेकर प्रवेश कर जाते हैं. टाइगर रिजर्व की हरियाली और पीने की पानी की उपलब्धता नेपाली हाथियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. जिस कारण नेपाली हाथी हमेशा टाइगर रिजर्व में सरहदों को पार कर प्रवेश कर जाते हैं और वन संपदा के नुकसान के साथ तोड़फोड़ करने से भी गुरेज नहीं करते हैं.
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