बखरी में सड़क पर छात्राएं, बाइक चालकों से बोलीं-हेलमेट पहन सुरक्षित घर लौटिए, आपका इंतजार कर रहा है कोई

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बखरी में छात्राएं सड़क सेफ्टी का संदेश देते हुए | Prabhat Khabar Network

बखरी की छात्राओं ने रक्षाबंधन के पर्व को सड़क सुरक्षा से जोड़ते हुए एक मार्मिक संदेश दिया. उन्होंने बाइक चालकों से हेलमेट पहनकर सुरक्षित घर लौटने का वचन मांगा, क्योंकि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है.

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बखरी के प्रोजेक्ट बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने रक्षाबंधन के इसी भाव को सड़क सुरक्षा से जोड़कर एक ऐसा संदेश दिया, जिसने राह चलते लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. राखी के एक दिन पहले के दिजब बाजार और सड़कों पर पर्व की रौनक थी. उसी समय बखरी बस स्टैंड और वैष्णवी दुर्गा स्थान के समीप छात्राएं हाथों में सड़क सुरक्षा के संदेश लिखे पोस्टर लेकर खड़ी थीं. उनके पास राखी नहीं थी, लेकिन उनके शब्द किसी राखी से कम नहीं थे. वे बाइक चालकों से सिर्फ एक वचन मांग रही थीं कि हेलमेट पहनिए और सुरक्षित घर लौटिए.

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वहीं रोड सेफ्टी सोसाइटी, बखरी के नेतृत्व में आयोजित इस जागरूकता अभियान में छात्राओं ने बाइक चालकों को रोककर हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की. रोड सेफ्टी सोसाइटी के संस्थापक बसंत कुमार और प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार गांधी के नेतृत्व में छात्राओं ने लोगों को समझाया कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है. इस दौरान छात्राओं ने एक भावुक संदेश दिया. जिसमें हेलमेट जरूर पहनिए और सुरक्षित घर लौटिए, क्योंकि कोई आपका इंतजार कर रहा है. यह संदेश केवल बाइक चालकों के लिए नहीं था, बल्कि उन परिवारों के लिए भी था, जो हर दिन अपने किसी अपने के सुरक्षित लौटने का इंतजार करते हैं.

बखरी में छात्राएं सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को शेफ्टी से वाहन चलाने की देते हुए संदेश  | Prabhat Khabar Network
वाहन चालकों को दिया गया संदेश | Prabhat Khabar Network

रक्षाबंधन पर आमतौर पर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. लेकिन छात्राओं ने इस बार सड़क पर खड़े होकर भाइयों और वाहन चालकों से उनकी जिंदगी की सुरक्षा का वचन मांगा. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि अपनों की सुरक्षा का संकल्प लेने का भी दिन है. अगर कोई भाई हेलमेट पहनकर घर लौटता है तो उसके लिए यह उसकी बहन को दिया गया सबसे बड़ा उपहार होगा.

रोड सेफ्टी सोसाइटी के पूर्व सचिव बसंत कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाला व्यक्ति महज एक आंकड़ा नहीं होता. वह किसी का बेटा, किसी का भाई, किसी का पिता या किसी का दोस्त होता है. उन्होंने कहा कि एक सड़क हादसा केवल एक जिंदगी खत्म नहीं करता, बल्कि उसके पीछे खड़े पूरे परिवार की खुशियां छीन सकता है. इसलिए हेलमेट, सीट बेल्ट, नियंत्रित गति और सड़क पर सतर्कता को जीवन का सुरक्षा कवच बनाना जरूरी है.

उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि घर से निकलते समय यह याद रखें कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है. प्रभारी प्रधानाध्यापक सह रोड सेफ्टी सोसाइटी के सलाहकार प्रेम गांधी और मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर सड़क सुरक्षा को लेकर छात्राओं की यह पहल समाज को एक बेहद जरूरी संदेश देती है.

उन्होंने कहा कि जिंदगी अनमोल है. सड़क पर थोड़ी सी सावधानी किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है और एक पूरे परिवार को बिखरने से रोक सकती है. अभियान की सबसे खास बात यह रही कि सड़क पर छात्राओं ने जब वाहन चालकों को रोककर सुरक्षा की अपील की तो लोग भी गंभीरता से उनकी बात सुनते नजर आए. हाथों में पोस्टर और चेहरे पर जिम्मेदारी का भाव लिए छात्राएं लगातार लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करती रहीं. अभियान में शिक्षक कृति कुमारी, निरंजन कुमार, सौदागर कुमार, दीपक गोस्वामी सहित अन्य शिक्षक एवं छात्राएं मौजूद थे.


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