शंभुगंज के करहरिया गांव के किसानों का सिंचाई का साधन नहीं रहने से नहीं हुआ धान रोपाई, किया प्रदर्शन
करहरिया गांव के किसानों के प्रदर्शन का | Prabhat Khabar Network
शंभुगंज के करहरिया गांव के किसान धान की रोपाई के लिए पानी की आस में हैं, लेकिन सिंचाई साधनों की कमी से परेशान हैं. बिजली की अनियमित आपूर्ति और नहर-बांधों के सूखे होने से 300 बीघे से ज्यादा खेत प्यासे हैं, जिससे किसानों में रोपाई के समय पर न होने का डर सता रहा है.
Shambhuganj News: शंभुगंज, बांका. धान की रोपाई का मौसम अंतिम दौर में है, लेकिन शंभुगंज के करहरिया गांव के किसानों के खेत अब भी पानी का इंतजार कर रहे हैं. सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने, बिजली की अनियमित आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान किसानों ने रविवार को सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने जल्द निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ सिंचाई की मुकम्मल व्यवस्था करने की मांग की.
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करहरिया मौजा में करीब 300 बीघे में खेती होती है, लेकिन किसानों के अनुसार अब तक महज 20 प्रतिशत रकबे में ही धान की रोपाई हो सकी है. किसानों को आशंका है कि समय पर पानी नहीं मिला तो खेत खाली रह जाएंगे और तैयार धान का बिचड़ा भी सूख सकता है.
नहर बनी, लेकिन खेतों तक नहीं पहुंचा पानी
किसानों की सबसे बड़ी शिकायत सिंचाई के साधनों को लेकर है. गांव में सिंचाई के लिए केनाल यानी नहर बनी हुई है, लेकिन किसानों का कहना है कि निर्माण के बाद से इसमें पानी नहीं आया.
खेती के लिए दूसरा प्रमुख सहारा पटेवा बांध है. किसानों के अनुसार बांध की हालत जर्जर है और वर्तमान में वह सूखा पड़ा है. ऐसे में नहर और बांध दोनों से पानी नहीं मिलने के कारण किसान निजी साधनों पर निर्भर हैं.
कृषि कनेक्शन है, फिर भी मोटर नहीं चल रही
किसानों ने बताया कि कई लोगों ने कृषि कनेक्शन ले रखा है, लेकिन बिजली की स्थिति खेती के लिए पर्याप्त नहीं है. दिनभर में मुश्किल से दो से तीन घंटे बिजली मिलती है. उसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है.
लो-वोल्टेज के कारण मोटर और समरसेबल पंप ठीक से नहीं चल पाते. जिन किसानों के पास निजी बोरिंग और पंपिंग सेट की सुविधा है, वे किसी तरह खेतों में पानी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हर किसान के लिए निजी सिंचाई साधन का खर्च उठाना संभव नहीं है.
किसानों को बिचड़ा सूखने की चिंता
प्रदर्शन कर रहे किसान डॉ. विनय कुमार, राहुल ठाकुर, राजेंद्र मंडल, जयकांत रजक, गनौरी मंडल, मटरू मंडल, मुरारी सिंह और बेबी देवी सहित अन्य ने कहा कि धान की रोपाई का समय तेजी से निकल रहा है.
किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो खेतों में धान की रोपाई नहीं हो सकेगी. वहीं खेतों में तैयार बिचड़ा भी सूख सकता है. इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा.
किसानों ने कृषि विभाग पर जमीनी स्थिति के मुकाबले बेहतर आंकड़े दिखाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि गांव में वास्तविक स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में खेत अभी रोपाई का इंतजार कर रहे हैं.
बिजली विभाग ने बताया, क्यों आ रही परेशानी
बिजली संकट को लेकर बिजली विभाग के कनीय अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि पतवारा ग्रिड में नया ट्रांसफार्मर इंस्टॉल किया जा रहा है. इसके अलावा सुल्तानगंज ग्रिड से आने वाली 33 हजार वोल्ट की मुख्य लाइन की दूरी अधिक होने के कारण बार-बार फॉल्ट की समस्या आती है.
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या को जल्द दुरुस्त कर लिया जायेगा.
Shambhuganj News: कृषि विभाग बोला- प्रखंड में 60 फीसदी खेती पूरी
वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी संकेत तिवारी ने कहा कि बारिश की कमी के कारण किसानों को परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन पूरे प्रखंड में अब तक करीब 60 प्रतिशत खेती हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल रहा तो निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जायेगा.
अब करहरिया के किसानों की नजर बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार पर है. धान की रोपाई का समय तेजी से निकल रहा है. ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ बिजली आपूर्ति सुधारने की नहीं, बल्कि खेतों तक समय पर पानी पहुंचाने की भी है. आने वाले दिनों में बारिश और सिंचाई व्यवस्था ही तय करेगी कि करहरिया के बाकी खेतों में इस सीजन धान की रोपाई हो पाती है या नहीं.

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