बिजली चोरी के खिलाफ अभियान, बौसी में चार लोगों पर FIR, विभाग ने किया नुकसान का आकलन
बौसी थाना की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
बौसी में बिजली विभाग ने चार उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. लाखों की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की गई है.
बौसी में बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है. बांका के बौसी थाना क्षेत्र में विभागीय टीम ने विशेष अभियान के तहत बभनगामा गांव में छापेमारी कर चार उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.
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जांच के दौरान कहीं एलटी लाइन में अवैध टोंका लगाकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था, तो कहीं मीटर को बाइपास कर बिजली खपत का मामला सामने आया. विभाग ने चारों मामलों में कुल 1,39,698 रुपये की आर्थिक क्षति का आकलन किया है.
विद्युत विभाग की इस कार्रवाई के बाद बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है.
चार घरों में जांच, अलग-अलग तरीके से बिजली चोरी का खुलासा
विद्युत विभाग के कनीय अभियंता राहुल कुमार के आवेदन पर बौसी थाना में चार अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
विभागीय जांच के अनुसार पंकज यादव के परिसर में घरेलू श्रेणी के कनेक्शन से 78 वाट बिजली का अवैध उपयोग पाया गया. इस मामले में विभाग ने करीब 9,910 रुपये की आर्थिक क्षति का आकलन किया है.
वहीं जीवन यादव पर मीटर को बाइपास कर करीब 1,200 वाट बिजली का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है. विभाग के अनुसार इससे करीब 32,200 रुपये की क्षति हुई है. आवेदन में संबंधित बिजली कनेक्शन का उपभोक्ता संख्या भी दर्ज किया गया है.
एलटी लाइन में टोंका लगाकर बिजली इस्तेमाल करने का आरोप
तीसरे मामले में विभाष यादव पर एलटी लाइन में सीधे टोंका लगाकर 373 वाट बिजली का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है. विभाग ने इस मामले में करीब 43,794 रुपये की आर्थिक क्षति का आकलन किया है.
इसी तरह अनिरुद्ध यादव पर भी एलटी लाइन में अवैध कनेक्शन के जरिये 373 वाट बिजली का उपयोग करने का आरोप है. इस मामले में भी विभाग ने करीब 43,794 रुपये की क्षति बताई है.
दोनों मामलों में विभाग का आरोप है कि वैध कनेक्शन के बजाय एलटी लाइन से सीधे बिजली का उपयोग किया जा रहा था.
चार मामलों में 1.39 लाख रुपये से अधिक की क्षति
विद्युत विभाग के अनुसार चारों मामलों में कुल 1,39,698 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है.
इनमें पंकज यादव के मामले में 9,910 रुपये, जीवन यादव के मामले में 32,200 रुपये तथा विभाष यादव और अनिरुद्ध यादव के मामले में 43,794-43,794 रुपये की क्षति का आकलन किया गया है.
विभाग की कार्रवाई से साफ है कि बिजली चोरी के मामलों में अब केवल अवैध कनेक्शन ही नहीं, बल्कि मीटर से छेड़छाड़ और एलटी लाइन से सीधे बिजली लेने पर भी कार्रवाई की जा रही है.
विशेष अभियान के तहत हुई छापेमारी
बभनगामा गांव में की गई छापेमारी विद्युत विभाग के विशेष अभियान का हिस्सा थी. छापेमारी दल में कनीय विद्युत अभियंता के साथ विद्युत आपूर्ति प्रशाखा के कर्मचारी भी शामिल थे.
जांच के दौरान बिजली के उपयोग से संबंधित अनियमितताओं को दर्ज किया गया. इसके बाद संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस में आवेदन दिया गया.
धारा 135 के तहत कार्रवाई की मांग
विद्युत विभाग ने चारों मामलों में भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
बिजली चोरी से विभाग को सीधे आर्थिक नुकसान होता है. इसके अलावा अवैध तरीके से बिजली लेने पर विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में विभाग की ओर से लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है.
अब आगे क्या होगा?
चारों मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस स्तर से आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. वहीं विद्युत विभाग की ओर से आकलित आर्थिक क्षति और बिजली चोरी से जुड़े तथ्यों को भी मामले में शामिल किया गया है.
बौसी में हुई इस कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि बिजली चोरी के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी जारी रह सकता है. अब देखना होगा कि इन मामलों में पुलिस जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या क्षेत्र में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की छापेमारी और तेज होती है.
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