बाराहाट सीएचसी में प्रसूता से दुर्व्यवहार के आरोप पर एक घंटे में कार्रवाई, निजी क्लीनिक सील
पीड़ित महिला | Prabhat Khabar Network
बाराहाट सीएचसी में एक प्रसूता के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है. घटना के एक घंटे के भीतर निजी क्लीनिक पर छापेमारी कर उसे सील कर दिया गया और वसूले गए पैसे वापस दिलाए गए.
बाराहाट (बांका). सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाराहाट में प्रसव कराने पहुंची महिला मरीज के साथ कथित दुर्व्यवहार, मारपीट और जबरन निजी क्लीनिक भेजने के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है. पीड़ित परिजनों की ओर से डीएम अंशुल अग्रवाल को लिखित शिकायत देने के करीब एक घंटे के भीतर प्रशासनिक टीम ने संबंधित निजी क्लीनिक पर छापेमारी की. जांच के बाद क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया गया और प्रसूता से वसूले गये 30 हजार रुपये परिजनों को वापस कराये गये. मामले में आरोपित एएनएम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है.
आपके शहर में
प्रसव पीड़ा के बाद 1 सितंबर को सीएचसी में भर्ती हुई थी महिला
जानकारी के अनुसार बाराहाट थाना क्षेत्र के चौबेडीह गांव निवासी धर्मेंद्र मांझी की पत्नी मौसम देवी उर्फ सुमन कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 1 सितंबर को सीएचसी बाराहाट में भर्ती कराया था. परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एएनएम इंदु कुमारी ने अपेक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय प्रसूता और उसके परिजनों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की.
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध राशि की मांग करते हुए महिला को सरकारी अस्पताल से बाहर निकालकर एक निजी क्लीनिक में जाने के लिए मजबूर किया गया. इसके बाद प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को परिजन बताए गये निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे, जहां प्रसव के नाम पर 30 हजार रुपये लिये गये.
डीएम के समक्ष पहुंचकर परिजनों ने सुनाई आपबीती
पीड़िता के परिजन गुरुवार, 3 सितंबर को दोपहर करीब 3:30 बजे समाहरणालय पहुंचे. उन्होंने जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के समक्ष पूरे मामले की जानकारी देते हुए लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की.
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र कुमार सिंह को तत्काल जांच दल गठित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
सिविल सर्जन के नेतृत्व में निजी क्लीनिक पर छापेमारी
डीएम के निर्देश के बाद सिविल सर्जन के नेतृत्व में स्थानीय बीडीओ गोपाल कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस बल ने बाराहाट स्थित संबंधित निजी क्लीनिक पर औचक छापेमारी की. प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही क्लीनिक परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी.
जांच के दौरान क्लीनिक में भर्ती प्रसूता को वहां से सुरक्षित निकालकर बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस से बांका सदर अस्पताल भेजा गया. अधिकारियों की मौजूदगी में क्लीनिक संचालक की ओर से लिये गये 30 हजार रुपये भी प्रसूता के परिजनों को वापस कराये गये.
जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय कदाचार मिलने का दावा
सिविल सर्जन की ओर से समर्पित प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय कदाचार और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद सक्षम प्राधिकार के स्तर से निजी क्लीनिक को विधिवत सील कर दिया गया.
इसके साथ ही बाराहाट सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नीलांबर नीलय के लिखित आवेदन पर क्लीनिक संचालन से जुड़े विद्यानंद सागर, युगल किशोर और गिरधारी यादव के साथ आरोपित एएनएम इंदु कुमारी के खिलाफ बाराहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
एएनएम के निलंबन की प्रक्रिया शुरू
कर्तव्य में कथित घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और अशोभनीय व्यवहार के आरोप में एएनएम इंदु कुमारी के विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
इधर, रोगी कल्याण समिति के सदस्य सह पूर्व मुखिया कृष्णा सिंह ने भी घटना की निंदा की और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया.
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता, बिचौलिया संस्कृति, भ्रष्टाचार अथवा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अमर्यादित व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा. भविष्य में इस तरह की घटना कहीं भी सामने आने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए