गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर, बढ़ने की रफ्तार घटी; 18 पंचायतों में बाढ़ का असर
जुगाड़ नाव से पार करते नेकनाम टोला के ग्रामीण| Prabhat Khabar Network
बड़हरा में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर है। 18 पंचायतें प्रभावित और 86 स्कूलों में पढ़ाई बंद, प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।
Bhojpur News: जिले के बड़हरा प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी की रफ्तार शुक्रवार को काफी धीमी पड़ गई है. हालांकि, जलस्तर बढ़ने की गति भले ही कम हुई हो, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर बह रही है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्तमान में गंगा का जलस्तर लगभग आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से बढ़ रहा है, जिससे तटीय व निचले इलाकों के ग्रामीणों की चिंताएं अभी भी बरकरार हैं.
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शुक्रवार शाम तक 54.77 मीटर पहुंचा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता आशीष कुमार रंजन ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार की सुबह 6:00 बजे बड़हरा में गंगा का जलस्तर 54.72 मीटर दर्ज किया गया था, जो शाम 4:00 बजे बढ़कर 54.77 मीटर तक पहुंच गया. बड़हरा में गंगा का खतरे का निशान 53.08 मीटर निर्धारित है. अभियंता के अनुसार, बुधवार को जलस्तर में वृद्धि की गति लगभग 4 सेमी प्रति घंटा थी, जो गुरुवार को घटकर 3 सेमी और फिर 1 सेमी हुई. शुक्रवार को यह रफ्तार घटकर महज आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा रह गई है, लेकिन लगातार हो रहे फैलाव से राहत मिलना अभी दूर की कौड़ी है.
18 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैला, नावों की किल्लत से ग्रामीण परेशान
गंगा के उफान के चलते बड़हरा प्रखंड की लगभग 17 से 18 पंचायतें बाढ़ की गंभीर चपेट में हैं:
- सड़क संपर्क भंग: दर्जनों गांवों के मुख्य और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.
- नावों की कमी: ग्रामीण रोजमर्रा की आवश्यकताओं, दवा और राशन के लिए पूरी तरह निजी व सरकारी नावों पर निर्भर हैं. पर्याप्त संख्या में सरकारी नावें उपलब्ध नहीं होने से प्रभावित ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल और नावें उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.

86 से अधिक विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित
बाढ़ के कारण क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था भी बुरी तरह चरमरा गई है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) विकास कुमार पाण्डेय ने बताया कि गुरुवार तक प्रखंड के 86 विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह स्थगित कर दिया गया था. शुक्रवार को जलस्तर में फैलाव और कई अन्य स्कूल परिसरों व मार्गों में पानी घुसने के कारण कुछ और विद्यालयों को एहतियातन बंद किया गया है. प्रशासन ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम उठाया है.

2016 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से 1.31 मीटर नीचे
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में बड़हरा में गंगा का जलस्तर 56.08 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड स्तर है. वर्तमान में जलस्तर 54.77 मीटर पर है, जो वर्ष 2016 के रिकॉर्ड से महज 1.31 मीटर नीचे है. यद्यपि वृद्धि की रफ्तार मंद पड़ने से प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है, परंतु नदी का जलस्तर स्थिर होने तक निचले इलाकों के ग्रामीणों और जिला प्रशासन की निगाहें लगातार गंगा के उतार-चढ़ाव पर टिकी हुई हैं.
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