रेलवे का मेगा प्लान! गोरखपुर-गुवाहाटी मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट मंजूर; फारबिसगंज होकर बिछेगी नई लाइन, सीमांचल को बड़ी सौगात

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फोटो- दिल्ली - गुवाहाटी मंत्री ट्रेक रेल कॉरिडोर का मानचित्र | Prabhat Khabar Network

गोरखपुर से गुवाहाटी रेलखंड पर मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी मिल गई है, जिससे फारबिसगंज और सीमांचल क्षेत्र के लोगों में खुशी है. इस परियोजना से रेल नेटवर्क मजबूत होगा और सीमांचल क्षेत्र को ट्रेनों की संख्या बढ़ने, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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फारबिसगंज (अररिया). देश के सात व्यस्ततम रेल रूटों में शामिल गोरखपुर से गुवाहाटी रेलखंड पर महत्वाकांक्षी मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी मिलने से फारबिसगंज और सीमांचल क्षेत्र के लोगों में खुशी है. प्रस्तावित परियोजना के तहत रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी होते हुए अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जाएंगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से परियोजना की घोषणा के बाद फारबिसगंज को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में और महत्वपूर्ण स्थान मिलने की उम्मीद बढ़ी है.

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गुवाहाटी से दिल्ली तक मजबूत होगा रेल नेटवर्क

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना से गुवाहाटी से दिल्ली तक रेल नेटवर्क को और मजबूत करने में मदद मिलेगी. अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण से माल और यात्री परिवहन की क्षमता बढ़ेगी. साथ ही मौजूदा रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होने और रेल सेवाओं में विस्तार की संभावना है.

सीमांचल क्षेत्र को ट्रेनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

बिहार डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन के केंद्रीय सदस्य बछराज राखेचा और इंडो-नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी ने परियोजना का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मल्टी ट्रैकिंग से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न हिस्सों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना बनेगी. इसका सीधा लाभ लंबे समय से रेल सुविधाओं के मामले में अपेक्षाकृत उपेक्षित सीमांचल क्षेत्र को मिल सकता है.

फारबिसगंज-लक्ष्मीपुर रेल संपर्क को जोड़ने की मांग

फारबिसगंज सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष मांगीलाल गोलछा और संरक्षक आजाद शत्रु अग्रवाल ने रेल मंत्री से फारबिसगंज से लक्ष्मीपुर के बीच निर्माणाधीन 17.60 किलोमीटर लंबे नए रेल संपर्क को भी मल्टी ट्रैकिंग परियोजना से जोड़ने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे फारबिसगंज से सिलीगुड़ी की दूरी करीब 30 किलोमीटर कम हो सकती है और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी.

व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राकेश रौशन ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी का असर केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा. इससे फारबिसगंज और आसपास के क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और सामाजिक संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा. माल परिवहन की क्षमता बढ़ने से कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है.

सीमांचल के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना

मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को फारबिसगंज और सीमांचल के लिए रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से इस व्यस्त रेल रूट पर परिचालन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में यात्री व मालगाड़ियों के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी. स्थानीय लोगों को अब परियोजना के धरातल पर उतरने और फारबिसगंज से जुड़े रेल प्रस्तावों को इसमें शामिल किए जाने का इंतजार है.

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