बकरा नदी के कटाव से जहानपुर में बढ़ी दहशत, दर्जनों घरों पर विस्थापन का खतरा

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फोटो. जहानपुर गांव में बकरा नदी का कटाव तेज ग्रामीणों में दहशत | Prabhat Khabar Network

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बकरा नदी का तेज कटाव जहानपुर के ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बन गया है. कई घर और उपजाऊ जमीन खतरे में हैं, जिससे विस्थापन का संकट गहरा रहा है. ग्रामीण तत्काल सुरक्षात्मक उपाय की मांग कर रहे हैं.

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पलासी (अररिया). पलासी प्रखंड क्षेत्र के पिपरा बिजवार पंचायत के वार्ड संख्या 13 स्थित जहानपुर में बकरा नदी का तेज कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है. खासकर समाजसेवी दयानंद चौधरी टोला के समीप कटाव तेज होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते कटाव पर रोक नहीं लगायी गयी तो कई घर और उपजाऊ जमीन नदी की धारा में समा सकते हैं.

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कटाव से आवागमन और खेती-बाड़ी प्रभावित

बकरा नदी के कटाव का असर ग्रामीणों के आवागमन, खेती-बाड़ी और दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है. नदी की धारा के लगातार करीब आने से लोगों को अपने घर और खेतों की सुरक्षा की चिंता सता रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

बोरा-बांध और कटावरोधी कार्य कराने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराने की मांग की है. साथ ही कटाव प्रभावित हिस्से में बोरा-बांध, कटावरोधी कार्य और अन्य आवश्यक बाढ़ सुरक्षा उपाय शुरू कराने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर प्रभावी कार्रवाई होने से नदी के कटाव को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है.

सांसद और विधायक से हस्तक्षेप की अपील

ग्रामीणों ने सांसद प्रदीप कुमार सिंह और विधायक विजय कुमार मंडल से भी मामले में विशेष हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देकर बकरा नदी के कटाव से गांव और ग्रामीणों को बचाने के लिए जल्द से जल्द स्थायी कटावरोधी कार्य कराने की अपील की.

पहले भी विस्थापित हो चुके हैं कई परिवार

ग्रामीणों का कहना है कि बकरा नदी के कटाव के कारण पूर्व में जहानपुर गांव का विद्यालय सहित कई दर्जन परिवार विस्थापित हो चुके हैं. वर्तमान में जिस तेजी से नदी का कटाव बढ़ रहा है, उससे एक बार फिर कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट उत्पन्न होने की आशंका है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो घरों के साथ उपजाऊ कृषि भूमि भी नदी की धारा में समा सकती है. इससे लोगों के सामने रहने और आजीविका दोनों का संकट खड़ा हो सकता है.

ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की

प्रभावित ग्रामीणों में समाजसेवी दयानंद चौधरी, राम प्रसाद चौधरी, शिवानंद चौधरी, जगदीश चौधरी, परमानंद चौधरी, रामानंद चौधरी, पंकज चौधरी, राकेश चौधरी, राजेंद्र यादव और दयानंद यादव सहित अन्य लोग शामिल हैं. वार्ड सदस्य जितेंद्र यादव ने भी प्रशासन, सांसद और विधायक से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थल निरीक्षण कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने की अपील की है, ताकि गांव और आसपास के परिवारों को संभावित विस्थापन से बचाया जा सके.

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