खबर छपते ही रेलवे हरकत में, हृदयपुर के बीआर-5 पुल में मरम्मत शुरू

Updated:
विज्ञापन

फोटो: दरार व कटाव स्थल पर काम करते मजदूर. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

अररिया-गलगलिया रेल परियोजना के हृदयपुर स्थित बीआर-5 पुल के सपोर्टिंग वाल और एंबैंकमेंट में दरारें व कटाव सामने आने के बाद रेलवे हरकत में आ गया है. प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने स्थल का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराया है. उद्घाटन के करीब दो साल में ही निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं.

विज्ञापन

अररिया, आरएस. अररिया-गलगलिया नई रेल परियोजना के हृदयपुर स्थित पुल संख्या बीआर-5 के सपोर्टिंग वाल और एंबैंकमेंट में दरार व कटाव का मामला सामने आने के बाद रेलवे हरकत में आया है. प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद गुरुवार को रेलवे की तकनीकी टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य शुरू कराया. उद्घाटन के करीब दो साल में ही पुल के आसपास एंबैंकमेंट में रेनकट और कैपलिंग में दरारें सामने आने से निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

विज्ञापन

रेनकट पटरी से महज दो हाथ की दूरी तक पहुंचा

कटिहार रेल मंडल के अधीन अररिया कोर्ट जंक्शन से रहमतनगर जाने वाले रेलखंड पर हृदयपुर वार्ड के समीप बीआर-5 पुल के सपोर्टिंग वाल के एंबैंकमेंट में बड़े-बड़े रेनकट बन गए हैं. कैपलिंग में भी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं. सामान्य बारिश के बाद ही मिट्टी बहने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर रेनकट रेलवे पटरी से महज दो हाथ की दूरी तक पहुंच गया है. इससे रेलखंड की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.

करीब 4410 करोड़ की परियोजना में दो साल में सामने आयी खामियां

अररिया-गलगलिया रेल परियोजना करीब 110-111 किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना है. इसकी लागत लगभग 4410 करोड़ रुपये बतायी जा रही है. ऐसे में परियोजना के पुल के एंबैंकमेंट में कम समय में ही कटाव और दरार सामने आने से स्थानीय लोगों में निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

लोगों का कहना है कि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है.

तकनीकी टीम ने की जांच, मरम्मत कार्य जारी

डीसीएम अनूप सिंह ने बताया कि इंजीनियरों की टीम ने पुल और एंबैंकमेंट की जांच की है. इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है. रेलवे की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का काम कराया जा रहा है.

हालांकि स्थल निरीक्षण के दौरान पहुंची तकनीकी टीम ने मीडिया से बातचीत करने से परहेज किया और मामले को लेकर विस्तृत जानकारी देने से बचती नजर आयी.

कार्यस्थल पर अनुश्रवण को लेकर भी उठे सवाल

स्थल पर दरार और कटाव वाले हिस्से में मजदूरों द्वारा मिट्टी की कटाई और भराव का काम किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण रेल पुल के मरम्मत कार्य के दौरान मौके पर काम की निगरानी और तकनीकी अनुश्रवण पर्याप्त होना जरूरी है.

लोगों ने सवाल उठाया कि जब पुल जैसे महत्वपूर्ण ढांचे के आसपास मिट्टी का कटाव और दरारें सामने आयीं तो इसकी नियमित निगरानी पहले क्यों नहीं की गयी. स्थानीय स्तर पर काम कर रहे मजदूरों के कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर भी लोगों ने चिंता जतायी है.

समय रहते कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने रेलवे से पुल और एंबैंकमेंट की विस्तृत तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि केवल मिट्टी भरने के बजाय कटाव के मूल कारण की पहचान कर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो. बीआर-5 पुल में सामने आयी दरार और एंबैंकमेंट के कटाव ने परियोजना की गुणवत्ता और कार्यस्थल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि रेलवे की ओर से करायी जा रही मरम्मत कितनी प्रभावी और स्थायी साबित होती है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन