घर-घर नल का जल. योजनाओं को धरातल पर लाने में जी जान से जुटा प्रशासन

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मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर वार्ड संख्या 21 के दौ सौ घरों में आनन-फानन में की जा रही है पेयजल आपूर्ति अररिया : निश्चय यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री जिले में चल रहे जिन योजनाओं के धरातल पर हो रहे क्रियान्वयन को देख सकते हैं, उन कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक महकमा […]

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मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर वार्ड संख्या 21 के दौ सौ घरों में आनन-फानन में की जा रही है पेयजल आपूर्ति

अररिया : निश्चय यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री जिले में चल रहे जिन योजनाओं के धरातल पर हो रहे क्रियान्वयन को देख सकते हैं, उन कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक महकमा जी जान से जुटा हुआ है. उसी क्रम में मुख्यमंत्री के सात निश्चय में शामिल घर-घर नल का जल योजना भी है. हालांकि जिले में पेयजल की व्यवस्था के लिए पीएचइडी विभाग द्वारा बनाया गया जल मीनार भी पेयजल का स्त्रोत माना जा सकता है. लेकिन उस पेयजल की शुद्धता की गारंटी या फिर उसका पानी शहरवासियों को मिल पा रहा है कहना मुश्किल है.
शुद्ध पेयजल से वार्डवासी रहेंगे महरूम :
बिहार राज्य जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता के पत्र संख्या 414 दिनांक एक दिसंबर 16 ने नप को पत्र देकर निर्देशित किया गया है कि पानी पीने योग्य नहीं होगा. पत्र में कहा गया है कि अररिया जलापूर्ति योजना में आयरन रिमूवल प्लांट लगाया जाना है. जिसके बाद ही पानी पीने योग्य होगा. उस संयंत्र को अब तक लगाया ही नहीं गया है. ऐसा नहीं है
कि संबंधित एजेंसी के पास संयंत्र है और वह लगाना नहीं चाह रहा है. जानकारी अनुसार लाखों की लागत वाली आयरन रिमुवल प्लांट को बोरिंग पाइप के पास ही लगाया जाना है. मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पानी को सिर्फ टेस्टिंग के लिए पाइप में छोड़ा जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में वार्डवासियों को मुख्यमंत्री के नाम पर नल का जल तो मिल जायेगा. लेकिन उसे लोग पीने के लिए इस्तेमाल करे पायेंगे. इस पर प्रश्न चिह्न लगा दिया गया है. ऐसे में शुद्ध पेयजल की परिकल्पना मुख्यमंत्री के आगमन के बाद भी कुछ परिवारों को मुहैय्या कराये जाने की बात सिर्फ घोषणा पत्र साबित हो रहा है.
डेढ़ वर्ष पूर्व नगर िवकास िवभाग की अनुशंसा से शुरू हुई थी योजना
इधर लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नगर विकास विभाग के अनुशंसा पर बीआरजेपी के कार्यरत एजेंसी द्वारा शुरू कराया गया पेयजल आपूर्ति योजना भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है. मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासनिक महकमा शहर के वार्ड संख्या 21 में लगभग दो सौ परिवारों के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए कार्यरत एजेंसी जेपी कंस्ट्रक्शन पर दबाव बनाये हुए है.
जेपी कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट इंजीनियर नीरज कुमार सिंह की माने तो मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व कम से कम दो सौ परिवारों के घरों तक पेयजल आपूर्ति का काम पूरा कर लिया जायेगा. लेकिन इन घरों में पहुंचने वाला पानी पीने योग्य होगा की नहीं उसकी शुद्धता की गारंटी कितनी होगी उसके लिए बाआरजेपी द्वारा नप को भेजा गया पत्र स्पष्ट उदाहरण पेश कर रहा है. दिये गये पत्र में यह स्पष्ट है कि वह पानी पीने योग्य नहीं होगा.
इधर लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नगर विकास विभाग के अनुशंसा पर बीआरजेपी के कार्यरत एजेंसी द्वारा शुरू कराया गया पेयजल आपूर्ति योजना भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है. मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासनिक महकमा शहर के वार्ड संख्या 21 में लगभग दो सौ परिवारों के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए कार्यरत एजेंसी जेपी कंस्ट्रक्शन पर दबाव बनाये हुए है. जेपी कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट इंजीनियर नीरज कुमार सिंह की माने तो मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व कम से कम दो सौ परिवारों के घरों तक पेयजल आपूर्ति का काम पूरा कर लिया जायेगा.
लेकिन इन घरों में पहुंचने वाला पानी पीने योग्य होगा की नहीं उसकी शुद्धता की गारंटी कितनी होगी उसके लिए बाआरजेपी द्वारा नप को भेजा गया पत्र स्पष्ट उदाहरण पेश कर रहा है. दिये गये पत्र में यह स्पष्ट है कि वह पानी पीने योग्य नहीं होगा.
वार्ड संख्या 21 में घर तक नल का जल पहुंचाने में लगे मजदूर.
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