संभावित जलसंकट से निबटने के लिए जल जीवन हरियाली योजना महत्वपूर्ण
Updated at : 17 Sep 2019 8:19 AM (IST)
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अररिया : भविष्य में संभावित पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिये जल जीवन हरियाली योजना खासा महत्वपूर्ण है. आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ व सेहतमंद जींदगी उपलब्ध कराने के लिहाज से यह योजना बेहद कारगर साबित होगा. जल संरक्षण व पृथ्वी पर हरियाली को बरकरार रखने के लिये बिल्कूल सही समय पर योजना का क्रियान्वयन […]
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अररिया : भविष्य में संभावित पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिये जल जीवन हरियाली योजना खासा महत्वपूर्ण है. आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ व सेहतमंद जींदगी उपलब्ध कराने के लिहाज से यह योजना बेहद कारगर साबित होगा. जल संरक्षण व पृथ्वी पर हरियाली को बरकरार रखने के लिये बिल्कूल सही समय पर योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है.
सोमवार को जिला कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें जिलाधिकारी बैद्यनाथ यादव ने कही. टॉउन हॉल में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जल संरक्षण व पौधरोपण जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है.
योजना की शत प्रतिशत सफलता के लिये आम लोगों के बीच इससे भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना होगा. इसलिये संबंधित कर्मी विभागीय जिम्मेदारी के अतिरिक्त इसे निजी दायित्व समझ कर अपने दायित्वों का निर्वहण करें. डीएम ने कहा कि योजना के तहत जल संरक्षण के कारगर उपाय किये जाने हैं. साथ ही सघन पौधरोपण अभियान का संचालन किया जाना है. जिले में युद्ध स्तर पर पौधरोपण का कार्य संचालित किया जा रहा है.
सरकारी ही नहीं निजी जमीन पर भी पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही विस्तृत कार्य योजना तैयार कर जिले के सभी सरकारी तालाब, आहर, पाईन व कुंओं के जीर्णोधार का कार्य संपादित किया जा रहा है. ग्रामीण सड़क व एनएच सहित सिंचाई के लिये पूर्व में बनाये गये विलैज चैनल के दोनों किनारे सघन पौधरोपण किये जा रहे हैं.
जिले में लगभग 1500 किलोमीटर क्षेत्र में विलैज चैनल का विस्तार है. इतना ही नहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रखने के लिये उन्होंने जैविक खाद के इस्तेमाल को लेकर कृषकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया. तो ऊर्जा के वैक्लपिक स्त्रोत के सुदूपयोग के लिये कार्यशाला में उपस्थित लोगों को प्रेरित किया.
कार्यक्रम को जिप अध्यक्ष आफताब अजीम उर्फ पप्पू, जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार, डीईओ अशोक कुमार मिश्रा, सिविल सर्जन एसके सिन्हा, सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता सतीश कुमार, केवीके के मुख्य वैज्ञानिक एके सिन्हा सहित अन्य ने संबोधित किया. सरकारी भवनों के साथ-साथ निजी भवनों में जल संरक्षण के अतिरिक्त इंतजाम सुनिश्चित कराने के लिये लोगों को प्रेरित किया गया.
साथ ही आंगन, दरवाजे पर जल जमाव से निपटने के लिये ढ़लाई की जगह पेभर ब्लॉक के इस्तेमाल के लिये लोगों को प्रोत्साहित किया. कार्यक्रम का संचालन कृषि परामर्शी कुमारी रजनी ने किया. मौके पर कृषि विभाग के सभी कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित अन्य विभागीय कर्मी मौजूद थे.
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