बिचौलियों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त और पारदर्शी हो कृषकों के हित से जुड़ी योजनाएं

Updated at : 29 Aug 2019 8:18 AM (IST)
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बिचौलियों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त और पारदर्शी हो कृषकों के हित से जुड़ी योजनाएं

अररिया : जिले में कृषि विकास व कृषिकों के हितों को लेकर संचालित विभिन्न योजनाओं का संचालन पारदर्शी तरीके से किया जाना है. योजनाओं के क्रियान्वयन को बिचौलियों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रखते हुए वास्तविक लाभुकों तक इसका लाभ पहुंचाना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है. क्रियान्वयन से जुड़ी किसी तरह की शिकायत सामने […]

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अररिया : जिले में कृषि विकास व कृषिकों के हितों को लेकर संचालित विभिन्न योजनाओं का संचालन पारदर्शी तरीके से किया जाना है. योजनाओं के क्रियान्वयन को बिचौलियों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रखते हुए वास्तविक लाभुकों तक इसका लाभ पहुंचाना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है.

क्रियान्वयन से जुड़ी किसी तरह की शिकायत सामने आने पर दोषी अधिकारी व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. उक्त बातें गुरुवार को शहर के टॉउन हॉल में आयोजित एक बैठक के दौरान जिलाधिकारी बैद्यनाथ यादव ने कही. बैठक में सभी बीएओ, कृषि समन्वयक, एटीएम, बीटीएम, किसान सलाहकार, कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक सहित मनरेगा अधिकारी व कर्मियों ने भाग लिया.
बैठक में किसान मान धन योजना, प्रधानमंत्री कृषक सम्मान योजना, डीजल अनुदान सहित जल, जंगल व हरियाली अभियान पर विस्तृत चर्चा की गयी. मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार, सीओ अररिया उमेश सिंह, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय कर्मी मौजूद थे.
कागजात की वैधता प्रमाणित होने पर ही मिलती है स्वीकृति
बैठक में डीएम ने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचे इसके लिये जिला प्रशासन संकल्पित है. इसलिये किसी भी योजना के लाभ के लिये प्राप्त आवेदन को स्वीकृति देने से पूर्व इससे संबंधित कागजात की वैधता प्रमाणित होने के बाद ही इसे स्वीकृति प्रदान की जानी चाहिये. इसमें से बहुत सारी योजनाओं के लिये आवेदन सीएससी केंद्र के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है. ऐसे में सीएससी संचालकों की भूमिका महत्वपूर्ण है.
वैध कागजात प्रदर्शित किये जाने के बाद ही आवेदन किया जाय. ताकि बाद में वास्तविक लाभुकों के पहचान की प्रक्रिया आसान हो सके. इतना ही नहीं डीजल अनुदान के संबंध में उन्होंने कहा कि लाभ के लिये पंप का कंप्यूरराइज्ड सिल्प प्रदर्शित करना जरूरी है. उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का भौतिक जांच सुनिश्चित कराने के उपरांत ही आवेदन को स्वीकृति प्रदान करने की बात कही.
इसके अलावा बैठक में जल-जंगल हरियाली अभियान पर विस्तृत चर्चा की गयी. इस क्रम में मनरेगा के तहत विभिन्न पंचायतों में लगाये गये पौधों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी. साथ ही पौधा लगाने के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये गये.
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