मेहंदी का रंग फीका पड़ने से पहले हुई नवविवाहिता की हत्या

By Prabhat Khabar Digital Desk
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अररिया : अभी चांदनी के हाथों की मेंहदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था कि नाटकीय अंदाज में निर्ममता पूर्वक उसकी हत्या की गुत्थी को सुलझाना नगर थाना पुलिस के लिये गंभीर चुनौती है. नव विवाहिता के पति का बयान अपनी पत्नी का पूर्व से चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण उसकी निर्मम हत्या की ओर इशारा करता है.

तो मृतिका के परिवार वाले इसे थोथी बकवास बता कर इसे सिरे से नाकारते हैं. परिवार वालों की मानें तो चांदनी बेहद शांत और सुसील लड़की थी. अपनी चार बहनों में उसका स्वभाग बिल्कूल अलग था. हमेशा घरेलू कार्यों में उलझे रहने वाली चांदनी पूरे परिवार का समुचित ख्याल रखती घर से बाहर निकलना भी उनका नदारत था.
पिता ओमप्रकाश की मानें तो हत्या का कोई कारण समझ नहीं आता है. अपनी औकात से ज्यादा रकम अदा कर बेटी की शादी करायी थी. बेटी दामाद के सभी जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में कभी पीछा नहीं रहा. इसके बाद भी दहेज लोभियों द्वारा बेटी की निर्मम हत्या पर आश्चर्य होता है.
अगर आपराधिक वारदात में बेटी की हत्या की जाती तो दामाद पूरी तरह सकुशल अपने घर नहीं लौट सकता था. अपराधी उसे वैसे जाने नहीं देते. फिर अपराधी कीमती बाइक, मोबाइल व बेटी के गहनों को यथावत नहीं छोड़ देते. इन सब कारणों से पति के बयान पर लड़की पक्ष के लोग को यकीन करना कठिन है.
बहरहाल लड़की पक्ष के लोग भी दामाद के किसी अन्य लड़की से पहले से प्रेम में पड़े रहने के कारण सोची समझी साजिश के तहत चांदनी की हत्या की घटना को अंजाम देने की बात कहते हैं. लड़का के गांव वालों का भी मानना है कि हैसियत से ज्यादा रकम दहेज के रूप में अदा की गयी थी. बारात के स्वागत में भी कोई कमी नहीं छोड़ी गयी. इसके बावजूद नव विवाहिता की हत्या गहन जांच का विषय है.
बहरहाल हत्या की इस गुत्थी को सुलझना नगर थाना पुलिस के लिये एक गंभीर चुनौती है. हत्या को लेकर जाहिर की जा रही अटकलों पर विराम लगाने के लिये पुलिस को कई बिंदूओं को ध्यान रखकर निष्पक्ष रूप से जांच करते हुए दोषी को सजा दिलाने के लिये कड़ी मशक्कत करनी होगी. जो हमारी पुलिसिया व्यवस्था पर आम लोगों का विश्वास कायम रखने के लिये बेहद जरूरी है.
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