‘ग्रहण’ हटेगा, तभी बिहार की तरक्की

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नरेंद्र मोदी ने नीतीश पर साधा निशाना, कहा

बिहार-झारखंड में मोदी की चार रैलियां, चार रूप

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार-झारखंड में चार जगहों-सासाराम, गया, गुमला व चतरा में विजय संकल्प रैलियों को संबोधित किया. उन्होंने चारों जगहों पर अलग-अलग मुद्दे उठाये. सासाराम में उन्होंने नीतीश व मीरा कुमार पर निशाना साधने के अलावा बिजली संकट व धान खरीद की चर्चा की, जबकि गया में आतंकवाद को देश की प्रमुख चुनौती बताया. वहीं, गुमला व चतरा में उन्होंने माओवादियों को बंदूक छोड़ कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की.

सासाराम/गया : नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्र की सत्ता से कांग्रेस को दूर करने के साथ ही बिहार में नीतीश कुमार को भी सत्ता से बेदखल करने का आह्वान किया. उन्होंने नीतीश कुमार का नाम लिये बिना कहा कि देश के विकास के लिए बिहार की तरक्की जरूरी है और बिहार की तरक्की तभी तेज होगी, जब यहां से ‘ग्रहण’ हटेगा.

सासाराम में बाजार समिति के प्रांगण में आयोजित रैली में मोदी ने बिहार की तुलना गुजरात से की और बिहार की बिजली व्यवस्था पर जम कर चुटकी ली. कहा, गुजरात में बिजली दो मिनट के लिए भी कट जाती है, तो अखबारों में बड़ी खबर आती है. पेज वन पर बॉक्स में. लेकिन, बिहार में बिजली का जाना कोई खबर नहीं है. यहां तो बिजली का आना ही खबर है. उन्होंने भीड़ को आश्वस्त किया कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने पर पूर्वी राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर विकास का अवसर मिलेगा, ताकि वे पश्चिमी राज्यों की बराबरी में आ सकें.

मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास गरीबों के लिए कोई नीति नहीं है. राहुल गांधी व सोनिया गांधी के पास गरीबों के लिए समय ही नहीं है. अब तो कांग्रेस आम जनता की आंखों में धूल नहीं, मिर्च झोंक रही है. वह अपने घोषणापत्र में महंगाई रोकने का झूठा वादा कर रही है, जबकि हकीकत यह है उसने 10 वर्षो में महंगाई रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया. यह एक ऐसी सरकार है, जो कोयला खाने से भी पीछे नहीं हटी. जुटी भीड़ को देख कर उत्साहित मोदी ने इलाके के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस की स्थानीय सासंद मीरा कुमार को जिम्मेवार ठहराया. कहा, उन्होंने संसद के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बावजूद इलाके की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया.

मोदी ने धान खरीद का मुद्दा उठाते हुए फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआइ) को तीन टुकड़ों में बांटने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा, एफसीआइ के एक हिस्से को किसानों से उचित समर्थन मूल्य पर केवल अनाजों की खरीदारी का दायित्व दिया जाना चाहिए. दूसरे हिस्से की जिम्मेवारी केवल अनाज भंडारण की होनी चाहिए. तीसरे हिस्से को अनाज आपूर्ति का काम सौंपा जाना चाहिए. वह केवल उन जगहों व संस्थाओं को अनाज मुहैया कराये, जिन्हें जरूरत है.

सासाराम में रैली को पार्टी प्रत्याशी छेदी पासवान, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह व विधायक बृजकिशोर बिंद, रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी संबोधित किया.

गया के गांधी मैदान में आयोजित रैली को मोदी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर उसे खरी-खोटी सुनायी. साथ ही बोधगया विस्फोट व कालेधन की वापसी के अतिरिक्त गया, औरंगाबाद तथा काराकाट के 25 लाख किसानों के हित से जुड़ी उत्तर कोयल नहर परियोजना जैसे स्थानीय मसले को भी उठाया. श्री मोदी ने कहा, आतंकवाद को देश के सामने एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि दुनिया को शांति व अहिंसा का संदेश देनेवाली बुद्ध की भूमि को लहू-लुहान किया गया. जिस जगह पर ज्ञान की ज्योति जलती है, उसे देश के दुश्मनों ने निशाना बनाया. यह कदम पर्यटन को बरबाद करने की साजिश है.

इस घटना का असर इस बार बोधगया आनेवाले पर्यटकों की संख्या पर भी पड़ा है. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था नहस-तहस हो रही है. लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है. उन्होंने आतंकवाद को मिटाने के लिए लोगों से संकल्प लेने की अपील की.

श्री मोदी ने कांग्रेस के शासनकाल में घर की महिलाओं के साथ ही देश की सीमा को भी असुरक्षित बताया. भाजपा नेता ने कहा कि आये दिन महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं. उनकी आबरू खतरे में पड़ रही है. यही हाल देश की सीमा का भी है. आये दिन वहां भी पड़ोसी मुल्क अतिक्रमण कर रहा है. पर, सरकार है कि हाथ पर हाथ धरे चुपचाप बैठी है. इस मौके पर रासोलपा के डॉ अरुण कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह, सुशील कुमार मोदी, रामविलास पासवान, नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार, हरि मांझी उपस्थित थे.

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