श्रीकृष्ण के बेटे प्रद्युम्न कौन थे? जन्म के कुछ दिन बाद ही उन्हें समुद्र में क्यों फेंक दिया गया?

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श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के बेटे प्रद्युम्न की कथा (एआई तस्वीर)

जन्माष्टमी 2026 के मौके पर जानें श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न की कहानी. जन्म के कुछ दिनों बाद ही शम्बरासुर ने उनका अपहरण कर समुद्र में फेंक दिया था. आखिर उसने ऐसा क्यों किया और समुद्र में फेंके जाने के बाद प्रद्युम्न के साथ क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें यह खबर.

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Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी कई ऐसी कथाएं हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. ऐसी ही एक रोचक कथा उनके पुत्र प्रद्युम्न की है. जन्म के कुछ ही दिनों बाद प्रद्युम्न को समुद्र में फेंक दिया गया था. आखिर ऐसा क्यों हुआ और इसके पीछे क्या कारण था? अगर आपके मन में भी ये सवाल हैं, तो यह खबर आपके लिए है. आइए, ‘लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण’ किताब में वर्णित कथा के माध्यम से जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब.

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कौन थे श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न?

पौराणिक कथा के अनुसार, प्रद्युम्न भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र थे. धार्मिक कथाओं में प्रद्युम्न को पूर्वजन्म के कामदेव का पुनर्जन्म भी माना जाता है. उनके जन्म के कुछ ही दिनों बाद शम्बरासुर ने उनका अपहरण कर लिया. उसे भय था कि आगे चलकर प्रद्युम्न ही उसकी मृत्यु का कारण बनेंगे. इसी डर से उसने नवजात प्रद्युम्न को समुद्र में फेंक दिया.

शम्बरासुर ने प्रद्युम्न को समुद्र में क्यों फेंका?

शम्बरासुर को डर था कि प्रद्युम्न बड़े होकर उसका वध करेंगे. इसलिए उसने बालक को अपने लिए खतरा मानकर समुद्र में फेंक दिया. उसे लगा कि समुद्र में गिरने के बाद प्रद्युम्न की मौत हो जाएगी और उसका खतरा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा. लेकिन प्रद्युम्न जीवित बच गए.

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समुद्र में गिरने के बाद मछली ने निगल लिया

समुद्र में गिरने के बाद एक बड़ी मछली ने प्रद्युम्न को निगल लिया. बाद में वही मछली मछुआरों के जाल में फंस गई और शम्बरासुर के यहां पहुंचाई गई. जब मछली का पेट काटा गया तो उसमें एक छोटा बालक मिला.

देवर्षि नारद ने बताया प्रद्युम्न का सच

कथा के अनुसार, देवर्षि नारद ने मायावती को बताया कि यह बालक कोई और नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न हैं. उन्हें यह भी पता चला कि मायावती पूर्वजन्म में रति थीं और प्रद्युम्न उनके पति कामदेव के रूप थे. इसके बाद मायावती ने प्रद्युम्न का पालन-पोषण किया. समय बीतने के साथ प्रद्युम्न बड़े हुए और उन्हें अपने जन्म से जुड़ी पूरी सच्चाई पता चली.

प्रद्युम्न ने किया शम्बरासुर का वध

बड़े होने के बाद प्रद्युम्न का शम्बरासुर से युद्ध हुआ. दोनों के बीच भीषण लड़ाई हुई और आखिरकार प्रद्युम्न ने शम्बरासुर का वध कर दिया. जिस बालक से शम्बरासुर को अपनी मृत्यु का डर था, वही आखिर उसके अंत का कारण बना. इसके बाद प्रद्युम्न अपने माता-पिता श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पास द्वारका लौट आए.

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