पटना: बागेश्वर बाबा ने दिए परेशानी दूर करने वाले ये मंत्र, बोले धीरेंद्र शास्त्री- बनने लगेंगे बिगड़े काम…

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Baba Bageshwar In Patna: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पटना के नौबतपुर में कथा कर रहे हैं. हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे आपके जीवन की परेशानी दूर हो सकेगी. बाबा बागेश्वर ने क्या मंत्र दिए जानिए..

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Baba Bageshwar In Patna: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नौबतपुर के तरेत पाली मठ परिसर में बनाये गये तीन लाख स्क्वायर एरिया के विशाल पंडाल में शनिवार से हनुमत कथा प्रवचन शुरू हो गया. लाखों की तादाद में उन्हें सुनने के लिए भक्त जमा हुए. इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कुछ मंत्र दिए जो लोगों के जीवन की परेशानियों को दूर कर सकता है.

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सुंदर कांड का पाठ कैसे करें..

बाबा बागेश्वर ने अपने प्रवचन में भक्तों को सलाह दी कि आम जीवन में परिशानियां आती ही हैं. इसका उपाय भी है जिससे इससे राहत मिले. सलाद दी कि अपने घर में शनिवार और रविवार को एक लाल कपड़ा पर राम दरबार की फोटो या छोटी मूर्ति रखें और सुंदर कांड का पाठ राम दरबार के सामने करें. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि सुबह या दोपहर में दो बजे के बाद या फिर रात में 9 बजे तक ये पाठ कर सकते हैं. इस पाठ करने से आपकी परेशानी धीरे-धीरे कम होनी शुरू हो जाएगी.

व्यवधानों को पार कर बढ़ते रहें…

हनुमंत कथा के दौरान बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब अच्छे काम करोगे, तो कई सारे व्यवधान उत्पन्न होंगे. उन्हें पार करना होगा. उन्होंने कहा कि जब हनुमान जी लंका में मां सीता से मिलने जा रहे थे, तो कई तरह के व्यवधान उनके रास्ते में आने लगे. उन्होंने कहा कि सुरसा सहित कई व्यवधानों को पार कर वह लंका पहुंचते हैं.

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जीवन तो भैया एक रेल है…

बाबा बागेश्वर ने गीत के माध्यम से कहा कि जीवन तो भैया एक रेल है , कभी पैसेंजर कभी मेल है. सुख-दुख की पटरी दौड़ लगाती है, मंजिल तक यह हमको पहुंचा आती है. उन्होंने कहा कि मंजिल क्या है. परमात्मा के द्वार तक पहुंचना मंजिल है. जीवन तो भैया एक रेल है कभी पैसेंजर कभी मेल है. श्रद्धालुओं ने इस पर जमकर तालियां बजायीं.

बताया भागवत शब्द का अर्थ..

बाबा धीरेंद्र शास्त्री नेभागवत शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि भागवत में चार अक्षर हैं. भ, ग, व और त. यहां भ का अर्थ है भक्ति .ग का अर्थ ज्ञान, व का वैराग्य और त का त्याग. उन्होंनेभक्ति-ज्ञान, वैराग्य और त्याग का गहन अर्थ बताते हुए कहा कि चारों शब्द के जो अर्थ उजागर हैं, वास्तव में उनका अर्थ उतना ही नहीं है. चारों का अर्थ बड़ा गहरा है.

Published By: Thakur Shaktilochan

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