असंगठित क्षेत्र के कामगारों की भी सोचे सरकार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी मंजूरी पर मुहर लगा दी. कुल वेतन में करीब 23़ 5 फीसदी का इजाफा हुआ है. वेतन वृद्धि के कुछ फायदे भी होते हैं और कुछ नुकसान भी. महंगाई में वृद्धि होगी और इसका बोझ सीधे तौर पर असंगठित वर्ग यानी मेहनतकश गरीब अवाम पर […]
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी मंजूरी पर मुहर लगा दी. कुल वेतन में करीब 23़ 5 फीसदी का इजाफा हुआ है. वेतन वृद्धि के कुछ फायदे भी होते हैं और कुछ नुकसान भी. महंगाई में वृद्धि होगी और इसका बोझ सीधे तौर पर असंगठित वर्ग यानी मेहनतकश गरीब अवाम पर पड़ने वाला है.
इसकी आमदनी कैसे बढ़ायी जाये, इस पर सरकार को कोई उपाय सोचना चाहिए क्योंकि एक विकासशील भारत के निर्माण में असंगठित वर्गों का अथक योगदान है, इनके संरक्षण के बारे में सरकार को सोचना चाहिए़ वेतन वृद्धि का बोझ गरीबों पर नहीं पड़ना चाहिए.
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है, जब तक कि उनकी आय को नियमित करने के बारे में न सोचा जाये. नौकरियों को लेकर जितनी अनिश्चितता भारत में है, वह कहीं भी नहीं है. इसके लिए एक आयोग बनना चाहिए, ताकि इनकी आय बढ़ सके, क्योंकि मोदी सरकार से मेहनतकश वर्ग के लोगों को बहुत उम्मीदें हैं.
सुमित कुमार बड़ाईक, सिसई
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