नक्सली देश के विकास में बाधक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Jun 2015 5:09 AM (IST)
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संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि जिस देश के लोगों का बचपन और युवावस्था उग्रवाद और नक्सलवाद के भय में बीत रहा हो, उस देश का भविष्य क्या होगा? उग्रवाद से ग्रस्त इलाकों में सरकारी कार्यालय, थाने और विद्यालय भी हैं. इन इलाकों में देश का राष्ट्रध्वज […]
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संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि जिस देश के लोगों का बचपन और युवावस्था उग्रवाद और नक्सलवाद के भय में बीत रहा हो, उस देश का भविष्य क्या होगा?
उग्रवाद से ग्रस्त इलाकों में सरकारी कार्यालय, थाने और विद्यालय भी हैं. इन इलाकों में देश का राष्ट्रध्वज फहराया नहीं जाता. स्कूलों के भवन, सड़क, मोबाइल टावर और न जाने किन-किन संस्थानों और भवनों को उड़ा दिया जाता है. अक्सर चुनावों के समय निदरेष सरकारी कर्मचारियों की जान ले ली जाती है. ऐसी स्थिति में भला देश का विकास कैसे संभव है.
जिनका जीवन डर-सहम कर बीत रहा हो, वह विकास की बात कैसे कर सकेगा. उसका सारा समय तो अपना और अपने परिवार का बचाव करने में ही बीत जायेगा. ये देश के विकास के बाधक तत्व नहीं तो और क्या हैं?
कन्हैया प्रसाद, ई-मेल से
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