आदिवासियों को गुमराह करते लोग

कुछ लोग कहते है कि पत्थरगड़ी हमारी संस्कृति और परंपरा है. मेरी जानकारी के अनुसार भी पत्थरगड़ी करना आदिवासियों की परंपरा रही है, लेकिन पत्थरगड़ी का वर्तमान स्वरूप सही नहीं है. कुछ लोग आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं एवं अपना हित साधना चाहते हैं या कहें तो गंदी राजनीति करना चाहते हैं. ऐसे लोग […]
कुछ लोग कहते है कि पत्थरगड़ी हमारी संस्कृति और परंपरा है. मेरी जानकारी के अनुसार भी पत्थरगड़ी करना आदिवासियों की परंपरा रही है, लेकिन पत्थरगड़ी का वर्तमान स्वरूप सही नहीं है. कुछ लोग आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं एवं अपना हित साधना चाहते हैं या कहें तो गंदी राजनीति करना चाहते हैं. ऐसे लोग विकास विरोधी हैं.
ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है. ऐसे लोगो से सतर्क रहने की भी जरूरत है. ये लोग खुद बड़े पदों पर नौकरी करते हैं और अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढाते हैं. वहीं, दूसरी ओर गांव के भोले-भाले अशिक्षित लोगों को सरकारी लाभ नहीं लेने तथा बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की नसीहत देते हैं, ताकि ये अशिक्षित रहें और उनकी बातों पर चलें. सरकार से अपनी गलत बातों को मनवाने के लिए दबाव की राजनीति करना चाहते हैं. ऐसे लोगों को समझना पड़ेगा कि झूठ ज्यादा दिनों तक नहीं चलता.
सुजीत कुमार, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




