नाराज फूफा से दिमागी नक्सल तक… चिदंबरम ने पीएम मोदी पर कसा तंज, कहा- मेरे ट्वीट को मिले 55 लाख लाइक्स

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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, फोटो- एएनआई

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P Chidambaram on PM Modi: नाराज फूफा और दिमागी नक्सल जैसे शब्दों को लेकर सियासी तकरार तेज हो गई है. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे दिमागी नक्सल होकर खुश हैं. साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट पर 55 लाख लाइक्स मिलने का दावा किया.

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P Chidambaram on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाराज फूफा और दिमागी नक्सल जैसे शब्दों पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने तंज कसा है. पी चिदंबरम ने कहा कि उन्हें दिमागी नक्सल कहलाने में खुशी है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नारों को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि दिमागी नक्सल वाले उनके ट्वीट को 55 लाख लाइक्स मिले. चिदंबरम ने इस दौरान जेन Z की ओर से बनाए जा रहे मीम्स का भी जिक्र किया.

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बोले पी चिदंबरम- मैं दिमागी नक्सल होकर खुश हूं

पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मुझे खुशी है कि मैं बेवकूफ नक्सल नहीं हूं. मुझे खुशी है कि मैं दिमागी नक्सल हूं. चिदंबरम पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस शब्द को लेकर प्रतिक्रिया दे चुके हैं. उन्होंने वहां लिखा था कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.

पीएम मोदी के नारों पर भी चिदंबरम का तंज

पी चिदंबरम ने पीएम मोदी को ‘self-confessed poet’ बताते हुए उनके नारों पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गुजराती में कविताएं लिखते हैं और संभव है कि वे ऐसे शब्द पहले गुजराती में गढ़ते हों और बाद में उनका अंग्रेजी अनुवाद किया जाता हो. चिदंबरम ने दावा किया कि पिछले करीब 12 सालों में पीएम मोदी ने 20 से 25 नारे या नए राजनीतिक शब्द इस्तेमाल किए हैं.

दिमागी नक्सल और नाराज फूफा को बताया नया शब्द

कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल के दिनों में दिमागी नक्सल और नाराज फूफा जैसे शब्द चर्चा में आए हैं. उन्होंने इन शब्दों को लेकर कहा कि उनके मुताबिक इनका कोई खास अर्थ नहीं है. चिदंबरम ने तंज करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री कोई और नया शब्द इस्तेमाल कर सकते हैं और ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भी कुछ नया कहा जा सकता है.

जेन Z के मीम्स का भी किया जिक्र

पी चिदंबरम ने इस राजनीतिक बयानबाजी के सोशल मीडिया पर पहुंचने की भी बात कही. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि जेन Z यूजर्स ‘नाराज फूफा’ और ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर कई मीम्स बना रहे हैं. चिदंबरम ने कहा कि ये दोनों शब्द अब सोशल मीडिया पर चर्चा और मजाक का विषय भी बन गए हैं.

बोले चिदंबरम- मेरे ट्वीट को मिले 55 लाख लाइक्स

चिदंबरमने दावा किया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है, तो उस पोस्ट को करीब 55 लाख लाइक्स मिले. उन्होंने कहा कि वे यह नहीं जानते कि पोस्ट को पसंद करने वाले सभी लोग खुद को दिमागी नक्सल मानते हैं या नहीं. हालांकि उन्होंने तंज करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट पसंद किया, इसलिए उनमें से काफी लोग इस विचार से सहमत हो सकते हैं.

मुझे नहीं पता कि उनमें से सभी खुद को दिमागी नक्सल कहते हैं या नहीं, लेकिन कम से कम उनमें से काफी लोगों ने ट्वीट को लाइक किया, जिसका मतलब है कि वे भी दिमागी नक्सल हैं- कांग्रेस नेता पी चिदंबरम

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में दिमागी नक्सल का जिक्र किया था. उन्होंने लोगों और संस्थाओं से ऐसी विचारधारा रखने वालों की पहचान करने और उन्हें अलग-थलग करने की बात कही थी. पीएम मोदी ने कहा था कि 2014 के बाद सरकार की कार्रवाई के कारण जंगलों में सक्रिय माओवादी हिंसा काफी हद तक कमजोर हुई है. हथियारबंद माओवादी हिंसा अब अंतिम दौर में है, लेकिन कुछ संस्थानों में वैचारिक नक्सल सोच मौजूद है और युवाओं को इसके प्रभाव से बचाने की जरूरत है.

नाराज फूफा वाले बयान की क्यों हुई चर्चा?

प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन मंगलवार (8 सितंबर) को वडोदरा में नमो फॉर विकसित भारत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भी नाराज फूफा शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने डबल-स्टैक कंटेनर फ्रेट ट्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई के JNPT से वडोदरा तक एक ट्रेन में इतना माल पहुंचाया गया, जितना 250 से ज्यादा ट्रकों से ले जाना पड़ता. इसके बाद प्रधानमंत्री ने आलोचकों पर तंज करते हुए कहा कि नाराज फूफा तुरंत सवाल करेंगे कि ट्रक ड्राइवरों का क्या होगा, ट्रक कहां जाएंगे और जिन्होंने ट्रक खरीदे हैं उनका क्या होगा.

पीएम मोदी ने SRCC में भी ‘फूफा’ का किया था जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में भी फूफा शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं. उन्होंने कहा था-

जब हम दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बना रहे थे, तब 'फूफा' ने कमर कस ली और कहा, इसकी क्या जरूरत है?' उन्होंने कहा, हमने हाई-स्पीड ट्रेनों पर काम शुरू किया, तो वही 'फूफा' फिर से बोलने लगे- 'इसकी क्या जरूरत है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


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