Monsoon Tracker: चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’ मचाएगा तबाही! अब होगी मानसून की झमाझम बारिश

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चक्रवात ‘बिपोरजॉय’ अति भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है. यह कुछ समय के लिए उत्तर दिशा में आगे बढ़ना जारी रखेगा और फिर उत्तर उत्तरपश्चिम की दिशा में मुड़ जाएगा. जानें कहां होगी बारिश और मानसून पर क्या पड़ेगा इसका प्रभाव

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चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’ तीव्र चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और गुजरात के तटीय जिले पोरबंदर से दक्षिण-पश्चिम में करीब 1,060 किलोमीटर दूर है, ऐसे में राज्य सरकार ने कहा है कि वह किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में निपटने को पूरी तरह तैयार है.

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भारत मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो अरब सागर में इस साल आए पहले तूफान बिपोरजॉय के कारण आने वाले दिनों में तटीय जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. गुजरात में मछुआरों को 14 जून तक अरब सागर में नहीं जाने की चेतावनी दी गयी है.

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मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि तूफान के कारण नौ से 11 जून के बीच सौराष्ट्र तथा दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के आसार हैं. आईएमडी, अहमदाबाद की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि बिपोरजॉय पोरबंदर जिले से दक्षिण-पश्चिम में करीब 1,060 किलोमीटर दूर स्थित है. तूफान के कारण तटीय जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

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इस साल अरब सागर में आया पहला चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’ तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है. इससे केरल में मानसून की ‘‘धीमी’’ शुरुआत होने और इसके दक्षिणी प्रायद्वीप के आगे ‘‘कमजोर’’ प्रगति करने का पूर्वानुमान है. मॉनसून भारत पहुंच गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल में मानसून के आगमन की घोषणा की.

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मौसम विभाग के अनुसार, इसके उत्तर की ओर बढ़ने और एक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं. इसके बाद अगले तीन दिन में यह उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा. हालांकि, आईएमडी ने अभी तक भारत, ओमान, ईरान और पाकिस्तान सहित अरब सागर से सटे देशों पर इसके किसी बड़े प्रभाव को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया है.

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बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. बिहार में इस साल मानसून देरी होना तय है. पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून वर्ष 2020, 2021 और 2022 में 13 जून तक बिहार में पहुंच चुका था. ऐसे में मानसून करीब एक हफ्ते से अधिक विलंब होने के आसार नजर आ रहे हैं. जून में प्रदेश के अधिकतर जगहों पर उच्चतम तापमान लगातार नौ दिन से 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है.

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उल्लेखनीय है कि पहले मानसून 5 जून तक आने का अनुमान था, लेकिन यह अनुमान गलत साबित हुआ. गुरुवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल में मानसून के आगमन की घोषणा की है

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