1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली, दिल्ली पुलिस से मिली मंजूरी

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प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे (PC : ANI)

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1 नवंबर को कांग्रेस दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन रैली करने जा रही है. इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने मंजूरी दे दी है. बीते दिनों कांग्रेस ने INDIA ब्लॉक के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट मार्च किया था. जिस दिन राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने CEC के खिलाफ याचिका दायर की थी.

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Ramlila Maidan Protest : दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बीच कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति मिल गई है. दिल्ली पुलिस ने शनिवार को पार्टी को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं का जमावड़ा 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने जा रहा है.

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दिल्ली पुलिस ने क्यों दी अनुमति?

दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने ANI को बताया कि कांग्रेस ने सबसे पहले नगर निगम से रामलीला मैदान की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली थी. नगर निगम ने बताया कि मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक उपलब्ध रहेगा. इसके बाद कांग्रेस ने पुलिस से संपर्क किया.

डीसीपी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने और जरूरी इंतजामों को समझने के बाद पुलिस ने NOC जारी कर दिया. अब कांग्रेस को यह प्रमाणपत्र नगर निगम में जमा कराना होगा. पुलिस ने कहा कि मैदान बुक करने के इच्छुक दूसरे संगठन भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं.

जंतर-मंतर की जगह अब कहां होंगे प्रदर्शन?

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए तय स्थलों की सूची से हटा दिया है. इसके बाद प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक जगहें तय की गई हैं. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं.

SIR और CEC को लेकर जारी है विपक्ष का विरोध

कांग्रेस की प्रस्तावित रैली ऐसे समय में हो रही है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है. कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. हाल के दिनों में दिल्ली में इस मुद्दे पर कई प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

CJP के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच आया. CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के नेताओं सौरव दास व आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर पर कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया.


ये भी पढ़ें: CJP Protest: विमान लैंड करते ही हिरासत, फिर तिरंगा मार्च और दोबारा गिरफ्तारी; 10 से 17 अक्टूबर तक अभिजीत दीपके के साथ क्या-क्या हुआ?

इसके बाद 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दीपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई है. पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 भी लागू की थी.

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