Lockdown: घर वापसी को बेताब लोगों की उमड़ी भीड़, भूखे-प्यासे परिवार के साथ मीलों पैदल चल रहे हजारों मजदूर

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Lockdown: घर वापसी को बेताब लोगों की उमड़ी भीड़, भूखे-प्यासे परिवार के साथ मीलों पैदल चल रहे हजारों मजदूर

Ghaziabad: Migrant workers walk to their native places amid the nationwide complete lockdown, on the NH24 near Delhi-UP border in Ghaziabad, Friday, March 27,2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI27-03-2020_000280A)

social distancing, coronavirus : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार दिल्ली-एनसीआर में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के प्रयास में लगी हुई है जिसके तरह विशेष बसें चलाने का प्रावधान किया गया है. जैसे ही यह खबर फैली आनंद विहार बस अड्डे पर बेहाल लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

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social distancing, coronavirus : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार दिल्ली-एनसीआर में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के प्रयास में लगी हुई है जिसके तरह विशेष बसें चलाने का प्रावधान किया गया है. जैसे ही यह खबर फैली आनंद विहार बस अड्डे पर बेहाल लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही मजदूर दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से घंटों पैदल चलकर आनंद विहार टर्मिनल पहुंचे और योगी सरकार के बस का इंतजार करने लगे. सभी को उम्मीद है कि वे इस बस से अपने-अपने घर पहुंच पाएंगे.

इधर, कई ऐसे लोग भी हैं जो अब भी किसी पर भरोसा नहीं कर रहे और घर के लिए पैदल ही चलते जा रहे हैं. गाजियाबाद के लाल कुआं स्थित बस अड्डे पर भी प्रवासी मजदूरों की ऐसा ही हुजूम नजर आ रहा है. यहां हजारों मजदूर दिल्ली, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों से पैदल चलकर पहुंचे ताकि बस पकड़कर अपने-अपने घर का रुख कर सकें.

बिना खाना-पानी के ठेला, साइकिल, कंधा…

कोरोना के फैलते संक्रमण के बीच काम से निकाल दिये गये लोग सिर पर छत और दो वक्त की रोटी की तलाश में घरों की तरफ निकल पड़े हैं. कोई पैदल चल रहा है, तो कोई साइकिल या ठेले पर अपनों का बोझ उठा रहा है. सबसे ज्यादा संख्या बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों की है. ये लोग पिछले कई दिनों से चल रहे हैं. कइयों ने तो पांच दिन से कुछ खाया-पिया भी नहीं है. बावजूद इसके किसी ने गोद में सात माह की बच्ची ले रखी है, तो कोई अपने पांच साल के बच्चे को कंधे पर उठाये चल रहा है. एक 70 साल की वृद्ध महिला भी पैदल गांव लौटने को मजबूर है.

गृह मंत्रालय ने लिखी चिट्ठी

इस बीच गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिख कामगारों, मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. बिहार और झारखंड सराकर ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है और इस समस्या से अवगत कराते हुए हससंभव मदद की अपील की है.

भाजपा अध्यक्ष ने खाना और परिवहन मुहैया कराने का दिया निर्देश

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने कार्यकर्ताओं से पैदल लौट रहे मजदूरों को को खाना, सुरक्षा और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाने का निर्देश दिया. सभी राज्य प्रमुखों से बात कर उन्होंने यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि कम-से-कम पांच करोड़ गरीब लोगों को भाजपा कार्यकर्ता खाना मुहैया कराएं.

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

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