उचाना कलां और हिसार सीट को लेकर जारी है BJP और जेजेपी के बीच जंग! चौटाला और सिंह में वर्चस्व की हो रही लड़ाई

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बीजेपी सांसद बृजेंद्र सिंह ने बीजेपी-जेजेपी गठबंधन पर कहा है कि अब फैसले का टाइम आ गया है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चुनाव को देखते हुए पार्टी को इसपर फैसला ले लेना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है लेकिन प्रशासन की जिम्मेदारी जेजेपी के पास है.

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हरियाणा का उचाना कलां विधानसभा सीट और हिसार लोकसभा क्षेत्र बीजेपी और जेजेपी के लिए कलह का घर बन गया है. इस दोनों सीटों पर काफी लंबे समय से हरियाणा के दो कद्दावर राजनीतिक घरानों का वर्चस्व रहा है. एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों सीट पर चौधरी वीरेंद्र सिंह के परिवार और चौटाला परिवार के बीच दशकों से विवाद है. दो राजनीतिक परिवार का विवाद सत्ता में गठबंधन बीजेपी और जेजेपी के बीच विवाद का कारण बन गया है.  

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गौरतलब है कि बीजेपी नेता और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला उचाना कलां से विधायक हैं. तो वहीं,  हिसार संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व अभी पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे और बीजेपी नेता बृजेंद्र सिंह कर रहे हैं. इन सीटों पर दोनों परिवार ने कई बार शह और मात का खेल खेला है. कभी चौटाला के परिवार ने बढ़त बनाई तो कभी सिंह परिवार ने जीत दर्ज की. इसी कड़ी में अप्रैल-मई 2019 के लोकसभा चुनाव में बृजेंद्र ने हिसार में दुष्यंत को हराया था. वहीं, 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में दुष्यंत ने उचाना कलां में बृजेंद्र की मां प्रेम लता को हराया था.

इधर, हिसार से बीजेपी सांसद बृजेंद्र सिंह ने बीजेपी-जेजेपी गठबंधन पर कहा है कि अब फैसले का टाइम आ गया है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चुनाव को देखते हुए पार्टी को इसपर फैसला ले लेना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है लेकिन प्रशासन की जिम्मेदारी जेजेपी के पास इस कारण उनकी नजर में हरियाणा में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता गठबंधन से खुश नहीं है.

बढ़ रही है बीजेपी-जेजेपी गठबंधन में दरार
उचाना कलां और हिसार सीटों समेत कई और मामलो के लेकर बीजेपी और जेजेपी में दादर लगातार बढ़ रही है. दोनों दलों के घोषणा की है कि 2024 में राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटों पर वे अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे. वहीं, अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दलों ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. 18 जून को अमित शाह ने भी हरियाणा का दौर कर चुनावी शंखनाद कर दिया है.

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गौरतलब है कि 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में किसा भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. 90 विधानसभा सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. बीजेपी ने 40 सीटों पर जीत दर्ज किया था. बीजेपी ने जेजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार का गठन किया. दोनों दलों के गठबंधन हो जाने के बाद भी उचाना कलां और हिसार को लेकर दोनों राजनीतिक दल में वर्चस्व की जंग जारी है.

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