मणिपुर हमला : शहीद छह जवानों का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दोमाना (जम्मू कश्मीर) : मणिपुर में आतंकवादियों द्वारा घात लगातार किए गए हमले में शहीद जम्मू की छठी डोगरा बटालियन के छह जवानों का आज यहां उनके पैतृक गांवों में पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. भारतीय वायुसेना के विमान से इन जवानों के पार्थिव शरीरों को जम्मू लाया गया जहां से उन्हें अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव ले जाया गया.

इन छह जवानों के पार्थिव शरीरों का सांबा, अखनूर, मुथी, बर्न और राजौरी इलाकों में स्थित उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया गया. यहां के बाहरी इलाके में स्थित मुठी गांव में शहीद हवलदार सतपाल बाशीन के दस वर्षीय बेटे ने बंदूकों की सलामी और पूर्ण सैन्य सम्मान के बीच अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. सतपाल के पिता और पूर्व सैनिक बिशन दास ने कहा, ‘‘ मुझे अपने शहीद बेटे पर गर्व है. उसने अंतिम क्षणों तक आतंकवादियों का मुकाबला किया। मुङो कोई खेद नहीं है. मैं उसे सलाम करता हूं. मैं चाहता हूं कि मेरा दूसरा बेटा भी सेना में कमीशंड अधिकारी बने और देश की सेवा करे.’’ उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह और क्षेत्र के विधायक बाली भगत भी अंतिम संस्कार के समय मौजूद थे.

सिंह ने श्मशान घाट पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘जिस प्रकार घात लगाकर हमला किया गया वह हमारे लिए एक सदमे की तरह है. हम उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.’’ उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहायता और पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करेगी. जम्मू के बर्न घरौता गांव में भी यही दृश्य था जहां लांस नायक कुलदीप राज को भावभीनी विदाई दी गयी. उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी , बेटी और बहन हैं. उनकी पत्नी गायत्री देवी ने कहा, ‘‘ एक शहीद की विधवा होने का मुङो गर्व है. उन्होंने मुझे यह सम्मान दिलाया. मुझे उनकी बहुत याद आएगी , वो मेरी जिंदगी की प्रेरणा थे.’’ हवलदार रणदीप सिंह और सिपाही विजय कुमार का आज जम्मू जिले में अखनूर क्षेत्र के क्रमश: बोमाल और सेरह खराह गांवों में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

सांबा जिले में नायब सूबेदार राम सिंह को उनके पैतृक गांव स्वानखां मोरे में और हवलदार सुनील कुमार शर्मा को राजौरी जिले के सुंदरबणी के फाल गांव में राजकीय सम्मान के साथ विदा किया गया. दोनों शहीदों के परिवार में उनकी पत्नियां और दो दो बच्चे हैं. पिछले दो दशकों में सर्वाधिक भीषण आतंकवादी हमले में मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादियों ने घात लगाकर सेना के काफिले पर हमला किया था जिसमें कम से कम 18 जवान शहीद हो गए और 11 अन्य घायल हुए थे. कांग्रेस ने भी शहीद सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

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