नयी दिल्ली: सरकार ने न्यायाधीश एम बी शाह आयोग का कार्यकाल तीन महीने के लिये बढ़ा दिया है. अवैध लौह अयस्क तथा मैंगनीज अयस्क खनन की जांच कर रहा आयोग को अब अक्तूबर तक अपनी रपट देनी है. एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने एम बी शाह आयोग […]
नयी दिल्ली: सरकार ने न्यायाधीश एम बी शाह आयोग का कार्यकाल तीन महीने के लिये बढ़ा दिया है. अवैध लौह अयस्क तथा मैंगनीज अयस्क खनन की जांच कर रहा आयोग को अब अक्तूबर तक अपनी रपट देनी है.
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने एम बी शाह आयोग का कार्यकाल तीन महीने के लिये बढ़ाने का निर्णय किया.’’ बड़े पैमाने पर अवैध खनन तथा इसके रोकने में राज्य के विफल रहने की रपटों के आधार पर केंद्र ने नवंबर 2010 में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था. समिति को पहली बैठक के बाद से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रपट देनी थी. आयोग की पहली बैठक 17 जनवरी 2011 को हुई थी और इस लिहाज से उसे 16 जुलाई 2012 या उससे पहले अपनी रपट देनी थी.
बहरहाल, आयोग के व्यापक काम को देखते हुए मंत्रिमंडल ने जुलाई 2012 को आयोग का कार्यकाल एक साल के लिये बढ़ा दिया. आयोग को ओड़िशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गोवा तथा मध्य प्रदेश जैसे सात राज्यों से खनन पर आंकड़ें एकत्र करना था. शाह आयोग को अवैध खनन, व्यापार तथा निर्यात रोकने के बारे में उपय सुझाने को भी को कहा गया है.