ePaper

प्रतिष्ठा की जंग, गुजरात में राज्यसभा चुनाव आज, अहमद पटेल के भविष्य का होगा फैसला

Updated at : 08 Aug 2017 6:33 AM (IST)
विज्ञापन
प्रतिष्ठा की जंग, गुजरात में राज्यसभा चुनाव आज, अहमद पटेल के भविष्य का होगा फैसला

तीन सीटें खाली, चार उम्मीदवार मैदान में अहमदाबाद : गुजरात में मंगलवार को होनेवाला राज्यसभा चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. भाजपा की ओर से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उतारने और कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल के मैदान में […]

विज्ञापन
तीन सीटें खाली, चार उम्मीदवार मैदान में
अहमदाबाद : गुजरात में मंगलवार को होनेवाला राज्यसभा चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. भाजपा की ओर से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उतारने और कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल के मैदान में डटे होने से चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस चुनावी जंग से सियासी पारा चढ़ गया है. इस बीच कांग्रेस के सभी विधायकों को आणंद के एक होटल में रखा गया है. वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी अहमदाबाद में ही हैं.
दरअसल, प्रतिष्ठा का यह जंग नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि में शुरू हुई है, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शंकर सिंह वाघेला का विद्रोह, कांग्रेस के छह पार्टी विधायकों का इस्तीफा और फिर अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए उन्हें बेंगलुरु स्थानांतरित करने जैसी घटनाएं शामिल हैं.
यह चुनाव न सिर्फ पटेल के लिए बल्कि कांग्रेस के लिए भी अहम है. पटेल, गांधी परिवार के करीबी होने के साथ सोनिया गांधी के राजनीति सचिव भी हैं. ऐसे में साफ है कि उनकी हार-जीत का असर विधानसभा चुनाव में भी दिखेगा. यही वजह है कि भाजपा पटेल को हारते हुए देखना चाहती है.
45 चाहिए, कांग्रेस संग 44 विधायक
पटेल को जीत के लिए 45 मत चाहिए. वर्तमान में उन्हें 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग या नोटा विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, तो भी पटेल की जीत सुनिश्चित करने में एक अतिरिक्त मत की जरूरत पड़ेगी. कांग्रेस को एनसीपी के दो विधायकों और जदयू व गुजरात परिवर्तन पार्टी के एक-एक विधायक के समर्थन की उम्मीद है.
दो सीट भाजपा को तय, तीसरे पर नजर
विधानसभा में 121 विधायकों वाली भाजपा के दो उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं. लेकिन पार्टी आंकड़ों के हिसाब से तीसरे प्रत्याशी के लिए उनके पास केवल 31 मत हैं. यदि कांग्रेस में वोट के समय टूट या और कुछ होता है, तो भाजपा तीनों सीट जीत सकती है.
कांग्रेस के अहमद पटेल,
ने कहा िक भाजपा का नारा केवल कांग्रेस मुक्त का नहीं है. बल्कि वह एससी, एसटी आरक्षण भी खत्म करना चाहती है. संसद को भी अल्पसंख्यकों से मुक्त करना चाहती है. भाजपा रास चुनाव में हाॅर्स ट्रेडिंग करना चाहती है.
हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले शंकर सिंह वाघेला ने कहा िक 1977 से मैं और अहमद अच्छे दोस्त हैं. यह रिश्ता राजनीति से परे है. चुनाव बाद भी हमारे रिश्ते पहले की तरह ही रहेंगे. हमारा अभी न भाजपा से ना ही कांग्रेस से कोई नाता है. नैतिकता के कारण कांग्रेस विधायकों से संपर्क में नहीं हूं.
तीन सीटों के िलए चार दावेदार. भाजपा ने बलवंत सिंह राजपूत को भी उतारा है. हाल ही में वह कांग्रेस से भाजपा में आये हैं.
एनसीपी का वोट भाजपा को गया तो पटेल की जीत मुश्किल
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola