चरम पर पहुंचा लोस चुनाव का प्रचार, धुआंधार प्रचार से पूर्णिया में चुनावी घमासान तेज
Author Prabhat khabar news desk
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पूर्णिया में कैंप कर रहे कई दिग्गज, कम समय में ज्यादा से ज्यादा सभा करने की कवायद बढ़ी उड़नखटोलों की रफ्तार, जनसभाओं को संबोधित कर रहे दलों के स्टार प्रचारकपूर्णिया.
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पूर्णिया में कैंप कर रहे कई दिग्गज, कम समय में ज्यादा से ज्यादा सभा करने की कवायद
बढ़ी उड़नखटोलों की रफ्तार, जनसभाओं को संबोधित कर रहे दलों के स्टार प्रचारक
पूर्णिया. मतदान के अब महज दो दिन शेष रह गये हैं. समय कम रह गया है और इसमें अधिक से अधिक सभा आयोजित कर वोटरों को अपने पक्ष में करने की कवायद भी तेज हो गई है. प्रचार के धुआंधार अभियान चला कर सियासी पार्टियों के दिग्गजों और स्टार प्रचारकों ने अपने अपने दलों की जीत पक्की करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. आगामी 26 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों की जनसभाओं और रोड शो का सिलसिला लगातार जारी है. एनडीए व महागठबंधन सहित विभिन्न दलों के स्टार प्रचारक अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित रहे हैं.लग्जरी गाड़ियों की रफ्तार तेज :
पूर्णिया में आज स्टार प्रचारकों के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, उमेश कुशवाहा, विजय कुमार सिन्हा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, लोजपा के चिराग पासवान समेत कई सियासी दिग्गज पूर्णिया लोकस सभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में सभा कर रहे हैं. इधर, एक तरफ पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव तो दूसरी तरफ बिहार की मंत्री लेशी सिंह समेत कई मंत्री पूर्णिया में कैंप कर रहे हैं. देर शाम तक तेजस्वी यादव के रोड शो की संभावना भी है. इस धुआंधार प्रचार को लेकर आसमान से उतरने वाले उड़न खटोलों और गांव की कच्ची सड़कों पर धूल उड़ाने वाली लग्जरी गाडियों की रफ्तार तेज हो गई है. लोकसभा चुनाव को लेकर मचे सियासी घमासान में यह कहना सहज नहीं कि कब कौन किस पर भारी पड़ रहा है क्योंकि कहीं किसी के समीकरण बन रहे हैं तो कहीं किसी के बिगड़ भी रहे हैं. बड़ी कोशिश भीड़ जुटाने और माहौल बनाने के भी हो रही है. एनडीए गठबंधन जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मिली सीट पर फिर काबिज होने की जुगत में है तो दूसरी ओर महागठबंधन ध्वस्त पड़ी धर्मनिरपेक्षता की नींव को फिर से मजबूत करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. पूर्णिया सीट से वैसे तो सात प्रत्याशी मैदान में हैं लेकिन प्रमुख मुकाबला जदयू प्रत्याशी संतोष कुशवाहा, राजद प्रत्याशी बीमा भारती और निर्दलीय प्रत्याशी पप्पू यादव के बीच रह गया है. जदयू प्रत्याशी संतोष कुशवाहा के पक्ष में जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव की कमान सम्हाल ली है वहीं राजद प्रत्याशी बीमा भारती के पक्ष में तेजस्वी यादव ने मोर्चा थाम रखा है. इन दोनों के बीच निर्दलीय प्रत्याशी पप्पू यादव अकेले अपने दम पर जनता के बीच जा रहे हैं.जातीय गोलबंदी के आगे विकास के मुद्दे गौण :
अगर देखा जाए तो शुरुआती दौर में तमाम दलों ने विकास को मुख्य मुद्दा बनाकर चुनाव का सियासी संघर्ष शुरू किया था. मगर, पहले चरण में बिहार की चार सीटों पर हुए चुनाव के बाद से न केवल नेताओं के स्वर बदलने लगे हैं बल्कि विकास के मुद्दे भी हवा हवाई होने लगे हैं. आलम यह है कि बदलते दौर में जातीय गोलबंदी के आगे विकास के मुद्दे गौण होते जा रहे हैं. चुनाव जीतने की जद्दोजहद में महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी लंगड़ाने लगे हैं. लोकसभा चुनाव में पूर्णिया सीट की जी गणित नजर आ रही है उसमें यह माना जा रहा है कि सियासत की राह किसी के लिए भी बहुत आसान नहीं. राजनीतिक प्रेक्षक भी दलों की चुनावी रणनीतियों और मतदाताओं के मन को टटोलने की कोशिश हर रोज कर रहे हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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