कॉलेज में Ragging पर UGC सख्त, छात्र शिकायत कैसे करें और संस्थान की क्या जिम्मेदारी है?
यूजीसी नोटिस (PC-X)
UGC Anti Ragging Rules: कॉलेज और यूनिवर्सिटी को एंटी-रैगिंग व्यवस्था मजबूत करनी होगी. यूजीसी ने सभी हायर एजुकेशन संस्थान के लिए निर्देश जारी किया है. UGC ने कहा यूनिवर्सिटी को रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति अपनानी होगी.
UGC Anti Ragging Rules: कॉलेज और यूनिवर्सिटी में रैगिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने सभी हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति को सख्ती से लागू करने और 2009 के एंटी-रैगिंग नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है.
UGC ने कॉलजे को रैगिंग रोकने के दिए निर्देश
UGC के निर्देशों के मुताबिक, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को एंटी-रैगिंग व्यवस्था मजबूत करनी होगी. इसी के साथ कॉलेज के लिए जरूरी गाइडलाइंस शेयर किया है, जिसमें रैगिंग को लेकर जागरुकता कार्यक्रम चलाने से लेकर फौरान FIR करने तक की बातें कही गई हैं.
- एंटी-रैगिंग कमेटी: हर कॉलेज में एंटी-रैगिंग कमेटी बनानी होगी.
- 24x7 हेल्पलाइन: कॉलेज में 1800-180-5522 हेल्पलाइन नंबर दिखाना होगा.
- शपथ लेना जरूरी: छात्रों और अभिभावकों से एंटी-रैगिंग की शपथ लेनी होगी.
- जागरूकता अभियान: छात्रों को रैगिंग के नुकसान और नियमों की जानकारी देनी होगी.
- हॉस्टल में निगरानी: हॉस्टल और संवेदनशील जगहों पर खास नजर रखनी होगी.
- शिकायत पर तुरंत कार्रवाई: रैगिंग की शिकायत मिलने पर जल्द कार्रवाई करनी होगी.
- FIR और सख्त एक्शन: रैगिंग का मामला सही पाए जाने पर FIR और अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी.
- रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस: कॉलेजों को रैगिंग के खिलाफ सख्त रवैया अपनाना होगा.
छात्र Anti-Ragging Portal पर कर सकते हैं शिकायत
अगर किसी छात्र को रैगिंग का सामना करना पड़ता है, तो वह National Anti-Ragging Portal के जरिए शिकायत दर्ज कर सकता है. शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने के साथ छात्र रैगिंग से जुड़ी घटना की जानकारी दे सकता है.
छात्र चाहें तो अपनी शिकायत कॉलेज की Anti-Ragging Committee या Anti-Ragging Squad को भी दे सकते हैं. संस्थान को शिकायत मिलने के बाद मामले पर समय पर कार्रवाई करनी होती है.
24x7 Anti-Ragging Helpline की सुविधा
रैगिंग की शिकायत के लिए छात्रों को 24x7 टोल-फ्री Anti-Ragging Helpline की जानकारी उपलब्ध कराना भी संस्थान की जिम्मेदारी है. कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को कैंपस में हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर छात्र तुरंत सहायता ले सकें.
रैगिंग की शिकायत करते समय क्या जानकारी दें?
शिकायत दर्ज करते समय घटना से जुड़ी जरूरी जानकारी क्लियर रूप से देना उपयोगी रहेगा. छात्र घटना की डेट, समय, स्थान, संबंधित लोगों की जानकारी और घटना में क्या हुआ, जैसी उपलब्ध जानकारी दर्ज कर सकते हैं. यदि कोई संबंधित रिकॉर्ड या अन्य सबूत उपलब्ध हों, तो उन्हें भी सेव रखना चाहिए.
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