आमदनी चवन्नी, खर्चा रुपैया : जिला परिषद ने 7 करोड़ रुपये का विवाह भवन बना कर 10 साल में कमाये मात्र 17 लाख

Updated:
विज्ञापन

Jharkhand news, Dhanbad news : आंतरिक आय बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये निवेश कर दिया. लेकिन, बदले में आय नहीं के बराबर हुई. पूरे जिला में 32 विवाह, बहु उद्देश्यीय भवन एवं पैगोड़ा बना कर जिला परिषद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजना थी. लेकिन, जन प्रतिनिधियों एवं नौकरशाहों के बीच खींचतान की वजह से यह योजना सफेद हाथी बन कर रह गया. पहले कुछ भवनों की बंदोबस्ती जिला परिषद द्वारा की गयी थी. जिससे कुछ राजस्व भी मिला. बाद में इसे प्रखंडों के जरिये कराने का निर्णय लिया गया जो कि जिला परिषद के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है.

विज्ञापन

Jharkhand news, Dhanbad news : धनबाद (संजीव झा) : आंतरिक आय बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये निवेश कर दिया. लेकिन, बदले में आय नहीं के बराबर हुई. पूरे जिला में 32 विवाह, बहु उद्देश्यीय भवन एवं पैगोड़ा बना कर जिला परिषद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजना थी. लेकिन, जन प्रतिनिधियों एवं नौकरशाहों के बीच खींचतान की वजह से यह योजना सफेद हाथी बन कर रह गया. पहले कुछ भवनों की बंदोबस्ती जिला परिषद द्वारा की गयी थी. जिससे कुछ राजस्व भी मिला. बाद में इसे प्रखंडों के जरिये कराने का निर्णय लिया गया जो कि जिला परिषद के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन
शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक में बने भवन

जिला परिषद ने आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के विकास की राशि से विवाह मंडप, पैगोड़ा एवं बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कराया. करोड़ों की लागत से निर्मित भवनों से 13 फरवरी, 2019 के पूर्व मात्र 17,90,500 रुपये जिला परिषद के खाता में आया. 13 फरवरी, 2019 से विवाह मंडप के देखरेख एवं आरक्षण की जिम्मेवारी संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को दे दी गयी. यह आदेश जारी होने के बाद पिछले 18 माह में एक अठन्नी भी जिला परिषद के खाता में किसी प्रखंड से जमा नहीं हुई. इस दौरान कितने दिन भवन बुक हुए, क्या राजस्व आया इसकी कोई जानकारी जिला परिषद प्रबंधन के पास नहीं है.

undefined
जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की खींचतान में बिगड़ा मामला

विवाह व दूसरे भवनों की बंदोबस्ती का मामला जिला परिषद के चुने हुए जन प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के बीच विवाद के कारण नहीं हो पाया. खासकर अध्यक्ष एवं सीइओ सह डीडीसी के बीच इस पर सहमति नहीं बन पायी. कई भवनों का निर्माण के बाद ताला तक नहीं खुला. इसमें धनबाद शहर के गोल्फ ग्राउंड रोड में 2, बेकारबांध और झरनापाड़ा में बना विवाह भवन भी शामिल है. कई पुराने भवनों में भी बंदोबस्ती का नवीकरण नहीं होने के कारण ताला लटका है. डेढ़ वर्ष पूर्व जिला परिषद बोर्ड ने प्रखंडों में बने भवनों के संचालन की जिम्मेदारी बीडीओ को देने का निर्णय लिया. मनमानी एवं लापरवाही का नतीजा है कि करीब 7 करोड़ रुपये से निर्मित भवनों से एक दशक में मात्र 17.90 लाख रुपये की आय हुई. जिला परिषद के ज्ञापांक 160, दिनांक 13-2-19 के जरिये जारी आदेश के अनुसार विवाह मंडप के संचालन की जिम्मेदारी जिला के संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंप दी गयी. शर्त में लिखा है कि प्रति दिन का शुल्क 15 हजार रुपये होगा. आरक्षण से प्राप्त राशि का 25 प्रतिशत अंश प्रखंड विकास अधिकारी विवाह मंडप के रख- रखाव में खर्च करेंगे. शेष 75 प्रतिशत राशि जिला परिषद कोष में जमा करेंगे. लेकिन, इस आदेश के बाद जिला परिषद के खाता में कुछ नहीं आया.

Also Read: Babadham Mandir : भादो मेला में खुला बाबा का दरबार, पहले दिन 200 शिवभक्तों ने किये दर्शन बंदोबस्ती की राशि को लेकर विवाद

लुबी सर्कुलर रोड स्थित बहुउद्देश्यी भवन 11 माह के लीज पर दिनांक 29-3-2017 को दिया गया. 3846.66 वर्ग फीट के भवन का सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में निर्धारित किराया प्रति वर्ग फीट 15 रुपये के अनुसार 6,92,398 रुपये प्रति वर्ष होता है. लेकिन, जिला परिषद ने मात्र 2 लाख रुपये में 11 माह के लिए लीज पर दे दिया गया. डाक की न्यूनतम राशि ही डेढ़ लाख रुपया रखी गयी. इस मामले को लेकर खूब विवाद हुआ. मामला झारखंड हाईकोर्ट तक गया.

सभी भवनों की बंदोबस्ती जल्द होगी : जिप अध्यक्ष

जिला परिषद अध्यक्ष रोबिन चंद्र गोरांई कहते हैं कि जिला परिषद के विवाह एवं अन्य भवनों के बंदोबस्ती को लेकर कई बार सीइओ को पत्र लिखा गया है. बोर्ड बैठक में भी यह मामला उठता रहा है. नये सीइओ सह डीडीसी से बात हुई है. जल्द ही सारे भवनों के बंदोबस्ती की जायेगी, ताकि जिला परिषद की आय बढ़ सके.

दोषियों पर कार्रवाई करे सरकार : भाजपा

भाजपा नेता रमेश कुमार राही ने ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिख कर जिला परिषद में भवन निर्माण में हुई गड़बड़ी एवं कमीशन खोरी की जांच कराने की मांग की है. साथ ही इन भवनों से अवैध कमाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सभी भवनों की बंदोबस्ती खुले डाक से कराने की मांग की है.

Posted By : Samir Ranjan.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola